किसी से क्या शिकायत करते साहब ,
दिल लगाने की खता तो हमनें भी की..!!
बुद्धि तो सबके पास होती है लेकिन चालाकी, करनी है या ईमानदारी ये तो संस्कार पर निर्भर करता है ..!!
बिजली विभाग तो यूंही बदनाम है
काटना तो कोई तुमसे सीखे...
तजुर्बा मेरी आँखों में देखिए
हरकतों से, मैं आज भी बच्चा हूँ...!!
इंसान की अक्ल बस इतनी सी है
उसे जानवर कहो तो गुस्सा आता है
शेर कहो तो खुश हो जाता है
चालाकी,
चतुराई
और
बेशर्मी
के मिश्रण को
आजकल होशियारी कहते हैं!!!
किरदार की बदबू महंगे से महंगें,
परफ्यूम से भी नहीं छुपा सकते हो...
जान अगर लेनी है तो अच्छे से लो ये गाल पर डिंपल का क्या मतलब है...
कुछ भी मेरा नही मेरे पास,
ये बदुआये भी लोगों की दी हुई है..
लिपटकर उसकी तस्वीरों से में आज फिर बोलानाराज़ नही मुझसे तू तो बात तो कर
हम चाह के भी खण्डहर ना हो पाए, मेरी बुनियाद में, तेरे नाम के पत्थर जो लगे हैं...
हर वक्त का हंसना तुझे बर्बाद न कर दे,
तन्हाई के लम्हों में कभी रो भी लिया कर
फ़िक्र उनकी करो.... जिनकी दुआओं में तुम्हारा ज़िक्र हो..!!
कहीं चाँदी की है चम्मच
और रेशम के खिलौने हैं
कहीं काँटों का है बिस्तर
और बस सपन सलोने हैं
सुधीर...
अपनी इच्छाओं को सत्यापित करने के लिए अपने शब्दों को सत्य बनाओ
सर्वाधिक आनंद उन्हें प्राप्त होता हैजो मौन रहने की कला सीख जाते हैं
सुलह कराने में लगा हूं
दिल और दिमाग के बीच
दिल मानता नहीं
दिमाग सोंचता नहीं
कुसुरवार दोनों हैं
दिल स्वीकारता नहीं
दिमाग जानता नहीं
मुद्दा जो था वो रहा नहीं
जाने से पहले दोनों से कुछ कहा नहीं
तुम जाग रहे हो मुझमें
अधूरे ख़्वाबों की तरह.!
मंज़िल पहुंचने के बाद पता चला की.."मंज़िल से अच्छा तो सफर होता है"…!!
ईमानदारी से काम करने वालों के शौक़,
भले ही पूरे ना हों पर नींद ज़रूर पूरी होती है !!!