वो चीज़ जिसे सुकून कहते हैं, हम भूल गए हैं कहीं रखकर...
उम्मीद कम रखिए,खुशियां बेहिसाब होंगी !
आज मैं उधर से निकला था जहाँ हम मिलते थे,
किसी ने वहाँ दीवार खड़ी कर दी.
जिस प्रकार अग्नि स्वर्ण को परखती है,
उसी प्रकार संकट वीर पुरुषों को।
मौत का डर उसे दिखाना,जिसे जिंदगी से मोहब्बत हो !
असली गर्मी खून में नहीं, जून में होता है, भीगा कपड़ा सूख जाता है पहन लो तो भीग जाता है
एहसास की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में..!!
वरना रेत भी सूखी हो तो निकल जाती है हाथों से..!!
कष्टों में रोने, और प्रसन्नता में गले लगने को,
कम से कम एक कंधा तो सुरक्षित रहना चाहिए !!
उठते हुए तूफ़ान का मंज़र नहीं देखा
देखो मुझे गर तुम ने समुंदर नहीं देखा
🌺यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत:अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्🌺वसुदेव पुत्र, देवकीनन्दन, गीता के रचईंताभगवान कृष्ण को मेरा वन्दन🥰
जो तुम सपना देखते हो
वह तुम पा भी सकते हो।
जिंदगी की जंग में हालात चाहे जैसे भी हों।।
धडकनों में नशा जीत का ही होना चाहिए।।
जो अभिमान छोड़ देता है, वही सबसे बड़ा अभिमान होता है !
और फिर मेरा संभल जाना ही,
इस प्रेम कहानी का अंत रहा...
इश्क भी क्या अजीब बीमारी है,जिंदगी हमारी है पर तलब तुम्हारी है !!
उम्र बढ़ती, प्यार बढ़ता, अरमां जवां और दुनिया हसीन हो जाती,
तुम झरोखे से कुबूल कर लेती मुझको, तो जन्नत अधीन हो जाती !
व्यापार या व्यवहार उन लोगों से रखो
जिनकी जान से ज्यादा जुबान कीमती हो..
नूर दिखेगा नही चहरे पर
ना होगी चमक आंखों में
एक दफ़ा आईने में देखो खुद को
कितना फरेब छुपा है बातों में
कितना,और कितना बोलोगे झूठ ख़ुदसे...
हो ही नही सकता की खुशी मिलती हो खैरातो में
स्वीकारो तो...
पिता तारीफ व्यक्त करते हैं सिर्फ ' मुस्कुराहट ' से, शब्दों से उनका कहाँ नाता है ?? ~ सेजल