हम ज़ाहिल लोग हैं,
आज भी हमें झुमके और
काली बिन्दी
ही पसंद आती है ।
अज्ञात
जब सांस आखिरी हो, और दो शब्द की मोहलत होएक नाम तुम्हारा लूं एक शब्द मोहब्बत हो....!!
तेरे वजूद से हैं मेरी मुक़म्मल कहानी,
मैं खोखली सीप और तू मोती रूहानी...!!
दुख है, दर्द है,
इसलिए मंदिर है, भगवान है..!!
अपने मन और आत्मा से कर्म करें,
और प्रेम करें तो जीवन आनंदित हो जाएगा !
मजबूत हूं लेकिन फिर भी टूट जाता हूं
मुझे अपनों का अजनबी लहजा बहुत तकलीफ देता है
क्षण क्षण रण है, दर्पण रण है,
जीवन, मृत्यु तक एक रण है !
बहुत अच्छे होकर भी आप हर किसी के लिए अच्छे नहीं हो सकते , कहीं बुरे बना दिए जाते हैं तो कहीं बुरे साबित कर दिए जाते हैं …
हर एक हर्फ का अन्दाज बदल रक्खा हैआज से हमने तेरा नाम ग़ज़ल रक्खा हैमैंने शाहों की मोहब्बत का भरम तोड़ दियामेरे कमरे में भी एक ताजमहल रक्खा है।
मुस्कुराना इतना भी मुश्किल नहीं हैंबस तुम्हारे बारे में सोचना ही तो है !!
लहू किस कद्र लबों से फूटा हैसाँस टूटी है कि तेरा साथ छूटा है
शिकवा नहीं बनता अब रहजनों सेरहबरों ने ही काफिला लूटा है
लोग ओर भी शामिल थें मेरी हयात मेंदिल मगर तेरी जुस्तजू में टूटा है
चिराग जल रहें हैं...
तह बह तह जमती चली जाती है सन्नाटों की गर्दहाल-ए-दिल सब देखते हैं पूछता कोई नहीं
मैं सिगरेट तो नहीं पीतामगर हर आने वाले से पूछ लेता हूँ कि 'माचिस है?'बहुत कुछ है जिसे मैं फूँक देना चाहता हूँ!
वक़्त चाहे कितना भी बदल जाए ,..पर चाय से मोहब्बत नहीं बदलेगी…!!
जान लेनी थी तो साफ़ कह देते,
क्या ज़रूरत थी मुस्कुराने की
प्रीत न जाने जात कुजातनींद न जाने टूटी खाट,भूक न जाने बासी भातप्यास न जाने धोबी घाट
मेरी तलब के तकाज़े पे थोड़ा गौर तो करमैं तेरे पास आया हूं खुदा के होते हुए
खुद की कीमत गिर जाती है...
किसी और को कीमती बनाते बनाते..!!
घाव के साथ युद्ध लड़ना पड़ेगा,मरने तक तो जिंदा रहना पड़ेगा…
खुद मे झाकने के लिए ज़िगरा चाहिए,,,दुसरो की शीनाखत् मे हर शख्स माहिर है,,,