ये राते ठहर क्यों नही जाती, नींदों मे ही सही दो पल देख तो लूँ तुम्हे।।
ख कर लगे है तुझको ये राब्ता पुराना है
तेरी ही बाहों में जैसे गुज़रा इक ज़माना है
सुन लेंगे एक दिन प्रभु तुम्हारी भी,
श्रद्धा से एक बार पुकारो तो सही..
दिल से दिल का फासला कुछ यूं हो जाए…
इधर मैं याद करू और उधर तुम्हे याद आए …
वो गालियाँ देकर अघाता नहींसंस्कार मेरा भी जाता नहीं
तुम मुझे इतना भूल जाना की तुम जी सको ,मैं तुम्हें इतना याद रखूगा की मैं जी सकूं...
मैं वो चिराग हूँ,जो आँधियों में भी रोशन था...खुद अपने घर की हवा ने,बुझा दिया है मुझे...
जो कहते थे, हम साया है तेरा, अंधेरा आने पर वो, खरे उतरे !!
वह जवाब मायने खो देते हैं, जो वक्त पर नही मिलते ...
एक”मरहम”की …तलाश में कई “ज़ख्मों”से ….गुज़रे हम
क़दम क़दम पर चेहरे आलीशान मिले,
लेकिन बेहद कम अच्छे इंसान मिले...
दिल टूट गया है,
जिंदगी थम सी गई है।
काश, तुम कभी मेरे होते,
तो मैं इतना न रोता।
तुमने मुझे धोखा दिया,
और अब मैं अकेला हूँ।
मैं नहीं जानता कि क्या करूँ,
मैं तुमसे बहुत प्यार करता था।
तुम मेरे सपनों को तोड़ दिया,
और अब मैं...
कुछ ज़ख़्म भी ख़ामोश कर दिये जाते हैं
‘लोग क्या कहेंगे’ ये कहकरअपने ही उनका गला घोट जाते हैं
तेरी मुस्कुराहट जरूरी हैं माँ, कीमत चाहे जो भी हो।
साथ मेरे चलना इतना आसान तो नहीतुझे अभी दुनियां की पहचान तो नहीबेहतर है के छोड़ दो तुम जिद्द करनाजिंदा इश्क के आग मैं जलना ये तुम्हारे मिज़ाज़ मैं नही !!
जिंदा इंसान को गिराने में और मरे हुए इंसान ,
को उठाने में गजब की एकता दिखाते है लोग !!
वहम से भी खत्म हो जाते हैं रिश्ते कई बार,
कसूर हर बार गलतियों का नहीं होता ..!!
देख लिया तेरी इमानदारी ऐ दिल
तूं मेरा है और तुझे फ़िक्र किसी और कि
राज तो हमारा हर जगह पे है…पसंद करने वालों के दिल में...औरनापसंद करने वालों के दिमाग में…
खामोश रहना हमें वहीं सिखाते है
जिनसे हम बात करना चाहते हैं ..!!