कुछ गधो ने मिलकर कुत्ते को शेर बना दिया, अब ये गधा पूरे देश को समझाने मे लगा है की वो सचमुच का शेर है...
पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है,
पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले पागल घोषित किए जाने से।
वो रूठी ही रहेगी, उसे खबर भी नहीं होगीमुझे कब? कहाॅं? किस लम्हें दफ़नाया गया
सत्य का पहला स्वागत विरोध से होता है.! ~ ओशो
जो आपको कहे कि अपने बाप के दम पे उछलते हो,तो उन्हें कहना,हाँ हमारे बाप में दम ही इतना है।
रात हवा तूफानी होगी
साथ रहो आसानी होगी।
अहमद महफूज़
हज़ार बुराईयां हैं मुझमें, अच्छाई सिर्फ एक ही हैतुम्हारे 'न चाहने पर भी… "तुम्हें चाहते हैं.
लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में,
यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है'
अंगुलियां यूं न सब पर उठाया करो,
खर्च करने से पहले कमाया करो
राहत इन्दौरी
सड़को के किनारे पड़ी नाजायज औलादें, आपकी जायज औलादों की ही औलादें है।
सबसे बड़ी त्रासदी बुरे व्यक्तियों का अत्याचारऔर दमन नहींबल्कि इस पर अच्छे लोगो का मौन रहना है ...
तुम जब आओगी तो खोया हुआ पाओगी मुझेमेरी तन्हाई में ख़्वाबों के सिवा कुछ भी नहींमेरे कमरे को सजाने की तमन्ना है तुम्हेंमेरे कमरे में किताबों के सिवा कुछ भी नहीं
इन किताबों ने बड़ा ज़ुल्म किया है मुझ परइन में...
और फिर मैंने
सफर को ही हमसफ़र बना लिया
🖤
सांप से ये सुनकर शर्मिंदा हुए
जब से इंसान को काटा है फन दुखता है
इतरा रहे हो ज़िस्म पर नए हो इश्क़ में
रूह के तलबगार से पाला नहीं पड़ा
सहर से खुशियां मांगने चले थे
मुझे फूलों से मोहब्बत हो गई.!
शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैंकि सब कुछ शुरू से शुरू होलेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैंहमें कोई दिलचस्पी नहीं रहतीकि वह सब कैसे समाप्त होता हैजो इतनी धूमधाम से शुरू हुआ थाहमारे चाहने पर।
~ कुँवर नारायण
बहुत खूबसूरत लग रही थी वोलेकिन माथे पर सिंदूर था ।।
जीवन में किसी को परखने का नहीं ,समझने का प्रयास करिए …
शब्दों से तुम बन गए
पंक्तियों में मेरे ढल गए
स्याही में मेरे पिघल गए
रचना मेरी तुम बन गए।
हर छंद में तुम रम गए
मैं तुम पर अब क्या लिखूं?
मेरे गीत के नज़्म बन गए
जीने की वजह तुम बन गए।
स्वर लहरी तुम बन...
क्यूँ न आए दुआओं 🤲 पर यकीन.गिरते गिरते सम्भल जो गया हूं मैं..!!