कितने बीघे बिक गए बेटी को पढ़ाने में,
बेटी ने कपड़े खोल लिए रील बनाने में.....
इश्क हारा है तो दिल थाम के बैठें क्यों हो ,
तुम तो हर बात पे कहते थे कोई बात नहीं ।।
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।
पतझड़ में सिर्फ़ पत्ते गिरते हैं,
नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता.....
सुना है, घर के कई टुकड़े हो गए।अच्छा! अच्छा! ,बच्चे बड़े हो गए।।
एक अदा से शुरू एक अन्दाज़ पर खत्म होती है , नजर से शुरु हुई मोहब्बत नजरअंदाज पर खत्म होती है !!
हम पूजते है तुम्हें, कृष्ण की मीरा की तरह,हर मर्द के अंदर एक औरत का दिल होता है.
खुद की कीमत गिर जाती है...
किसी और को कीमती बनाते बनाते..!!
जो मनुष्य अपनी निंदा सह लेता है,
उसने मानो सारे जगत पर विजय प्राप्त कर ली।
डियर क्रश ❤️टाइटैनिक का मलबा
देखना चाहतें है आप के साथ..
तुम हाथ थाम लेते होमैं चल पड़ती हूँ
तुम नज़र भर देखते होमैं मुस्कुरा देती हूँ
तुम क़रीब आ जाते होमैं शरमा जाती हूँ
तुम आग़ोश में भरते होमैं सिमट जाती हूँ
तुम माथे को चूम लेते होमैं समर्पित हो जाती हूँ
तेरा इश्क़ मुझे ले गया खुदा के करीबतुझे पाने की जिद्द में मैंने सजदे बड़ा दिए
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।"
बुद्ध
रौशनी लाख खफ़ा हो भले चरागों से,
अँधेरों की हिमायती तो नहीं हो सकती !!
जब जब तू गीत मोहब्बत के गाएगी,
मेरी रूह को अपने आसपास ही पाएगी,
और नहीं हुआ मुकम्मल इश़्क़ तो ग़म मत करना,
मैं मौजूद रहूंगा तेरे संगीत में, जब भी तू साज बजाएगी..!!
विरक्ति
तपस्या में भले ही कमी
रह गयी हो,
नीचता में कोई कमी नहीं है.
कबीर और प्रीति वाला प्यार नही हमें तो ,तुमसे राधा कृष्ण वाला प्यार हुआ है…!!
सिर्फ सांत्वना स्वीकार नही,
इस बार पूरी तरह से न्याय चाहिए।
हैवानो की सजा के साथ - साथ,
हर नजर में पुराना सम्मान चाहिए।
सेजल
तारीफें दिन बनाती हैं,
और ताने ज़िंदगी...
अहंकार भी आवश्यक हैं,
जब बात आधिकार चरित्र एवं सम्मान की हो...