तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा करसरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
~अमीर मीनाई
मेरे लिए इतिहास केवल
हमारे मिलन की बेला रही ,
और गणित तुम्हारा
मुझ से रूठने मनाने का फलसफा ,
भूगोल की कक्षा मे
मैंने केवल तुम्हारी मुझ से दूरी
को ही नापा ,
मैंने तुम्हारे प्रेम मे अपने
वाक्यों का पूर्णविराम कभी
नही खोजा 🙂
मेरे हर सवाल...
अपनी ज़िन्दगी को मैं दीमक कि तरह बर्बाद कर दूंगा,
ज़िन्दालाश बनकर रहूंगा मैं, रूह को आजाद कर दूंगा..!!
धड़कने आज़ाद है , पहरे लगाकर देख लो…प्यार छुपता ही नहीं , तुम छुपाकर देख लो..!!
जीवन कि सभी यातनाओं से अब मुक्ति कि सौगात चाहिए,
सो जाऊं सुकून कि नींद तेरी गोद में ऐसी हसीन मौत चाहिए..!!
विरक्ति
जब हक़ीक़त से रूबरू हुआ
तब मालूम हुआ कि
बातों से ही अपने थे “अपने” !!
जिस्म दिखा देने से सोशल मीडियापर चंद लाइक ज़रूर मिल जाते है,मगर मर्द इज़्ज़त और सम्मान सरढकने वाली औरतों को ही देते है…!!
ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं,
मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बे-ख़बर नहीं.
आलोक श्रीवास्तव
स्त्री की गोद और पुरुष की जेब ,
अगर खाली रह जाए तो ये दुनिया जीने नही देती ...
दुनिया के सारे
खुदा झूठे है ,,,,
भूखे को रोटी
दे नही सकते ,,,
बाद मरे
जन्नत का वादा है
पहले लगता था कि.... तुम ही दुनिया हो... अब लगता है कि.... तुम भी दुनिया हो....!!!
बाहर से खुश दिखने के लिए,
अंदर से बहुत लड़ना पड़ता है....
खुद को अच्छा बना लीजिए,
दुनियां से एक बुरा इंसान कम हो जायेगा....
तुम हाथ थाम लेते होमैं चल पड़ती हूँ
तुम नज़र भर देखते होमैं मुस्कुरा देती हूँ
तुम क़रीब आ जाते होमैं शरमा जाती हूँ
तुम आग़ोश में भरते होमैं सिमट जाती हूँ
तुम माथे को चूम लेते होमैं समर्पित हो जाती हूँ
ये गंदगी तो महल वालो ने फैलाई है “साहिब”
वरना गरीब तो सङको से थैलीयाँ तक उठा लेते है !!
इस संसार में सबसे सुखी वह व्यक्ति है,
जो अपने घर में शांति पाता है...
ज़ख़्म झेले दाग़ भी खाए बहुत
दिल लगा कर हम तो पछताए बहुत...!!
माफी के हकदार गलती करने वाले होते हैं
चालाकी करने वाले नही !
हमें प्रेम करना चाहिए, न कि प्रेम में गिरना चाहिए,क्योंकि जो कुछ भी गिरता है, वो टूट जाता है.
प्यार हो या परिंदा, दोनों को आज़ाद छोड़ दो... अगर लौट आया तो तुम्हारा और अगर न लौटा तो वह तुम्हारा था ही नहीं कभी...