तीर खाने की हवस है तो जिगर पैदा करसरफ़रोशी की तमन्ना है तो सर पैदा कर
~अमीर मीनाई
जुबां पर भीख रहती है हलक पर चीख रहती है,
ना पैदा हो कभी बेटी हैवानों कि सीख रहती है..!!
विरक्ति
सूरज सितारे चाँद मेरे साथ में रहे,जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे..
कल मैं चालाक था, इसलिए मैं दुनिया बदलना चाहता था, आज मैं बुद्धिमान हूँ, इसलिए मैं अपने आप को बदल रहा हूँ।
अच्छे कपड़ों में कुछ स्वाभिमान का अनुभव होता है।
मुंशी प्रेमचंद
हैरत इसपर नहीं कि धर्म का धंधा हो रहा है ,
हैरत इसपर है पढ़ा लिखा भी अंधा हो रहा है !
मेरे कांच जैसे दिल मे,
कुछ पत्थर जैसे लोग रहते है।
❤️🩹
मुझे प्रेम तुझसे है तो है..!अब क्या मुकद्दमा करोगी मुझ पर…!!🍹
इंतज़ार उसके करते थक गई मेरी अंखियां ,
ये दिल तू ही बता इस चांद का क्या करूं मैं...
हर लम्हा सांसें बुड्ढी हो रही है
जिंदगी मौत के साये में हैं फिर भी जिद्दी हो रही है
बेवफा को बेख़बर रखना मेरी मौत की खबर से
जमाने के लिए आंसू हैं वो अंदर हस रही है!!
कुछ किताबे ताउम्र धूल फाँकती रह जाएगी,
एक रुपया ही सही किसी का तुम पर उधर रह जाएगा,
कुछ कपड़े बिन पहने ही अलमारी मे दबे रह जाएँगे,
किसी अपने से मुलाकात अधूरी रह जाएगी,
किसी खास से दिल की बात कभी कह नहीं...
कभी कभी लगता है जिनको मोहब्बत में ज्यादा तमन्ना नहीं होती है न.. उनके ही ज्यादा गहरे ज़ख्म होते हैं
किस तरह जमा कीजिए अब अपने आप को, काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के
घमंड में मत रहिए, अर्श से फर्श तक
आने में, वक़्त भी नहीं लगता..!!
जिंदगी उस दौर से गुज़र
रही जहां दिल दुखता है
और चेहरा हंसता है
प्रतीक्षा मे प्रेम अमर हो जाता हैं,और रूह हमेशा के लिए उम्र-कैद !!
मयस्सर तुम्हारा साथ होता तो श्रंगार के चारचांद लगा देता,
और ना बांध पाती अगर तुम साड़ी,
तो पल्लू मैं बना देता..!!
तुम्हारी ख़ातिर तो बदला मैंने खुद को।
फिर तुम....किसकी ख़ातिर बदल गए
इंसान के जिस्म का सबसे खूबसूरत हिस्सा ❤️ है अगर ये साफ नही तो चमकता हुवा चेहरा बेकार है,
तुम मुझे इतना भूल जाना की तुम जी सको ,मैं तुम्हें इतना याद रखूगा की मैं जी सकूं...