World's Best Cow Hospital

माँ वो बगीचा है; जिसकी छाँव में ना जाने कितने ही फूल फलते-फूलते हैं।

गरीबी शिक्षा सस्ती करने से कम होगी ,मुफ्त के राशन से नही।

वाणी की मिठास अन्दर के भेद नहीं खोलती, मोर को सुन कर कौन कह सकता है कि वह साँप खाता होगा। अज्ञात

मै सुकून लिखूं तुम गंगाघाट समझ लेना, में इश्क़ लिखु तुम चाय समझ लेना।

जहां पत्तियां नहीं झरती वहाँ बसंत नहीं आता

समय जब विपरीत हो, तो शांत रहना ही सही होता है...

◈•✦───•✿✺『💠』✺✿•───✦•◈ सफ़र में होती है पहचान कौन कैसा है ❖◈•┼•◈❖ ये आरज़ू थी मेरे साथ तू सफ़र करता! ◈•✦───•✿✺『💠』✺✿•───✦•◈

तस्वीरों पर फिल्टर इतना ही लगाएं कि मिलना पड़े!.. तो शर्मिंदगी ना हो…!

लोग कहते है मैं बहुत गुरूर करता हूं, मैं तो बस दो चेहरे वाले लोगों को खुद से दूर करता हूं

रविवार का दिन भीचिप्स के पैकेट की तरह होता है,खुलते ही आधा ख़तम !!

कई बार हम लोगों को इसलिए भी खो देते है.. क्यूंकि हम उनके लिए जरूरत से ज्यादा मौजूद रहते है..

मुजरिम हो गया इस कद्र खुद की नजरो में स्वाभिमान छोड़ प्रेम ढूंढ रहा था पत्थरों में

चल ग़ालिब कहीं और चलते हैंयहां हर नागिन के पीछे दो नाग बैठे हैं

मुसीबत में भी रास्ता निकाल लेते हैं.. वक्त कैसा भी हो मां बाप संभाल लेते हैं..!!

बुरा वक़्त हमेशा इंसान को ,अकेला कर देता है …

जीवन में वही रिश्ता बेहतर हैं,जो पीठ पीछे भी सम्मान दे…

डर लगता है अब .. किसी से बात करने में कही फिर से .. किसी की आदत न लग जाये..

मेरे गाँव का मौसम बसंत हो गया है,यानी, तुम शहर से गाँव आई हो।

हार मंज़ूर है मुझे, मगर एहसान नहीं, तुम जीत के भी, मेरे कर्ज़ दार रहोगे....!!


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