World's Best Cow Hospital

रोने के लिए हम एकांत ढूँढ़ते हैं, हँसने के लिए अनेकांत। प्रेमचंद

तू न थकेगा कभी, तू न रुकेगा कभी, तू न मुड़ेगा कभी, कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ, अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ

जीवन में वही रिश्ता बेहतर हैं,जो पीठ पीछे भी सम्मान दे…

शाम ख़ामोश है पेड़ों पे उजाला कम है लौट आए हैं सभी, एक परिंदा कम है फ़हीम जोगापुरी

तानों की भट्ठी में तपा आदमी, राख नहीं सोना बनता है....

मेरा दर्द भी इन मोतियों की तरह बिखरा पड़ा रहता हैं, धागे में पिरोने की कोशिश करूं तो धागे भी टूटने लगते हैं

तुम अलविदा कहकर चले गएऔर ना जाने कितने ही मौसम बदल गएपर देखो ना…,मैं आज भी वहीं खड़ी हूंक्योंकि मैं तुम्हें अलविदा ना कह पाई!

जान जाने के बाद शरीर श्मशान में जलता हैतेरे जानेके बाद तो में बिन अग्निको जलता हु

तबाह होकर भी तबाह नही दिखती...ये इश्क़ है इसकी कोई दवा नही बिकती...

हमारी सादगी ही गुमनाम रखती है हमें,जरा सा बिगड़ जाएं तो मशहूर हो जाएं।

.किसी की मुस्कुराहट की वजह बनना सीखोदर्द की वजह तो हर कोई बन जाता है..!!

धुँधले ज़मीर गिरगिट फितरत काली, गोरी ,साँवली नीयत.... अपने-अपने रंगों पर सबकी पहरेदारी है...!!

शर्तो पर सुल्तान बनने से कई गुना बेहतर है , अपने ही मौज का फकीर बने रहना ...

बाढ़, भूकंप, दंगे, चुनावफ़ौजी सिर्फ़ सरहदों पर नहीं लड़ता

किस चीज़ का बनवाती हो लिबास तुम अपना , कपड़ा तो इस आग को छूकर जल जाता होगा..!

आँखों से छलक आता है,जो हृदय में अतिरिक्त हो जाता है, प्रेम, गुस्सा, नफरत या फिर पीड़ा.

सभ्यता का युग तब आएगा जब औरत की मर्ज़ी के बिना कोई औरत को हाथ नहीं लगायेगा।

दिल का मामला है तो,दर्द से बनाकर रखिएगा हुज़ूर!किसी-न-किसी मोड़ पर,ठोकर ये खाएगा ज़रूर !

तुम न कर सकोगे मेरे दिल के दर्द का इलाज़ , ज़ख्म को नासूर हुए मुद्दतें गुजर गयीं

तरस आता है अपने बाप पर, उसे औलाद मुझ जैसी मिली.


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