ईमानदारी से काम करने वालों के शौक़,
भले ही पूरे ना हों पर नींद ज़रूर पूरी होती है !!!
कभी गिर जाओ तो खुद ही उठ जाना क्योंकि ,
लोग सिर्फ गिरे हुए पैसे उठाते हैं इंसानो को नहीं ...
बहुत महंगे होते है सावले लोग,यहां हर किसी की पसन्द नहीं बनते !
नकारात्मक लोग से किनारा करों,ये आप को कभी सफल नही होने देंगे।
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
खामोशी गवाह है,
इंसान अंदर से थक चुका है...
ज़रूरत बनो
ऑप्शन नहीं...
वो हाल है अंदर से कि, बाहर है बयाँ से
तुम्हें लिखा जाना चाहिए था कविताओं की तरह
तुम्हें भुला गया हैं पुराने किस्सों की तरह,
तुम्हें तो पूरा हो जाना चाहिए था
तुम्हें तो खुदा से मांगा गया था दुवाओं की तरह!
शिद्दत से मेहनत करो यार… प्रेमिका केवल संभोग सुख दे सकती है, सफ़लता नही…!
ये दुनियाँ अगर मिल भी जए तो क्या है …..
शाम ख़ामोश है पेड़ों पे उजाला कम है
लौट आए हैं सभी, एक परिंदा कम है
फ़हीम जोगापुरी
नीर बहते है नयनो से नारी के,जब पीर सहा न जाए दिल के,
अखबार सी हों गई है जिंदगी
हर रोज़ नई ख़बर
शुरुआत तो सब अच्छा ही करते हैंमसला तो आखिर तक चलने का है
एक पृष्ठ है भूमिका, एक पृष्ठ निष्कर्ष
बाकी पन्नों पर जीवन का लिखा हुआ सतत संघर्ष !
नहीं मैं बिना मतलब नहीं मुस्कराती...
मैं मुस्कुराती हूं उसे याद करते हुए...
हर बार न जाने क्यों अगर मगर में उलझ जाते हैं
जो कहना होता है उनसे वो कह नही पाते हैं
तुम मुझे भूल भी जाओ तो ये हक़ है तुमकोमेरी बात और है मैंने तो मुहब्बत की है
~साहिर लुधियानवी
"CRUSH" तो दूर की बात है,
मुझ पर तो किसी को
तरस भी नहीं आता..,!!