sj_coat_512x512_web

World's Best Cow Hospital

किसी की गलती माफ़ की जा सकती है, मगर भुलाई कभी नहीं जा सकती है....

संघर्षों की समर भूमि में, हमसे पूछो हम कैसे हैं, कालचक्र के चक्रव्यूह में, हम भी अभिमन्यु जैसे हैं। हरिओम पंवार

क्या लिखूं ऐसा जो पढ़कर वो रोए भी ना और रात भर सोए भी ना..!!

महल मेरा रेत का बनवाते हो और पता बारिश को देते हो....!!

ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगेजो हो परदेस में वो किससे रजाई मांगे !

में मिट्टी जैसे मैला, वो साफ़ जैसे रेत मैं चाय जैसा साँवला, वो दुध जैसी सफेद !

पहाड़ पर चढ़ो तो पहाड़, पहाड़ नहीं रह जातानदी पार कर लो तो नदी, नदी नहीं रह जाती लेकिन आदमी कोजितना समझते जाओउतना वह मुश्किल होता जाता है। ~ विष्णु नागर

तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहींएक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं ~क़तील शिफ़ाई

एक अदा से शुरू एक अन्दाज़ पर खत्म होती है ,नजर से शुरु हुई मोहब्बत नजरअंदाज पर खत्म होती है !!

धागे बहुत कमज़ोर चुन लेते हैं हम, और फिर सारी उम्र गाठ बांधने में गुज़र जाती है...

बेरोजगार पुरुष, विधवा स्त्री गरीब पिता और, एक तरफा आशिक का दर्द कोई नहीं समझ सकता..

ज़िंदगी के रास्तों मेंखुद से चलने,गिरने,उठने,का हुनर सीख लो,क्यूॅंकि सहारे कितने भीभरोसेमंद क्यूॅं न हों,एक न एक दिन साथछोड़ ही जाते हैं!!!

घमंड में मत रहिए, अर्श से फर्श तक आने में, वक़्त भी नहीं लगता..!!

जिंदगी अपने रफ्तार से चल रही हैं, हम अपनी रफ्तार से चल रहे हैं, और समय........? वो तो बस मजे लिए जा रहा हैं।

क्षण क्षण रण है, दर्पण रण है, जीवन, मृत्यु तक एक रण है !

काँच के टुकड़े बनकर बिखर गयी जिंदगी किसी , ने समेटा ही नहीं हाथ जख्मी होने के डर से !!

ऑॅंखे थक गई हैं आसमान को देखते देखतेपर वो तारा नही टूटता, जिसे देखकर मैं तुम्हें मांग लू!

मेरे लिए वर्तमान ही सब कुछ है। भविष्य की चिंता हमें कायर बना देती है,भूत का भार हमारी कमर तोड़ देता है। ~ मुंशी प्रेमचंद

उसको अपना समझने का क्या फ़ायदा, जिसके अंदर आपके लिए अपनापन ही ना हो।

पैसा इन्सान को ऊपर जरूर ले जाता हैं, परंतु इंसान पैसे को ऊपर नहीं ले जा सकता....


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »