यही खशियत है जिंदगी की
कर्ज वो भी चुकाने पड़ते है जो लिए ही नही
जिस रिश्ते को बचाने के लिए आपको अकेले लड़ना पड़े, वो रिश्ता लड़ाई के भी काबिल नही होता...
कुछ हंस कर बोल दो, कुछ हंस कर टाल दो,
परेशानियां तो बहुत है, कुछ वक़्त पर डाल दो।
सबके अपने सत्य हैं,
सबके अपने झूठ।
कोई कहता लाभ इसे,
तो किसी को लगती लूट।
सबके अपने कष्ट हैं,
सबकी अपनी जंग।
कोई कभी टूट जाता है,
कोई हो जाता तंग।
सबकी अपनी मान्यता,
सबका निज विश्वास।
कोई कभी...
उसके छूने भर से ही मेरी सांसें,
जाने क्यों तेज़ी से चलने लगती हैं
नेता गरीबों कि बैसाखी के सहारे खुद के सिर पर ताज चाहते हैं,
कहलाते गरीबों के मसीहा हैं और उन्हीं को पैरों तले दबाते हैं..!!
विरक्ति
खाली होना भी एक दुख हैजैसे जेब का खाली होंना,मन का खाली होंना,दिन का खाली होंना,जीवन का खाली होंना,किसी किताब के पन्ने का खाली होनाहालांकि सब अलग अलग रूप से असर करते हैं
जिसे देखो वो दुःखी है .. आखिर ये खुशी जा कहां रही है ...
लड़कियों को Respect देनी चाहिए,
Line तो बिजली वाले भी देते हैं..!!
कैसे उसने ये सब कुछ मुझसे छिपकर बदला , चेहरा बदला, रास्ता बदला बाद में घर बदला , मैं उसके बारे में ये कहती थी लोगो से , मेरा नाम बदल देना अगर वो शख्स बदला ..
लहजे ही बस रसीले हैं,अंदर से सब ज़हरीले नाग हैं…
प्रसन्न रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत कठिन है।- रवींद्रनाथ टैगोर
यादों से न पूछें तरबियत उनकीये वो आजाद परिंदे हैं जो पल में सागर पार कर लेते हैं
किसी के दुख पे अगर हम मलाल करते हैं ,
अजीब लोग हैं उल्टा सवाल करते हैं ।
🦋 देवदास 🦋
क्यों डरें ज़िन्दगी में क्या होगाकुछ ना होगा तो तजरूबा होगा
गर शौक़ ज़िन्दा हैं ,
तो दिल आज़ाद परिंदा है..!!
जहां पत्तियां नहीं झरती वहाँ बसंत नहीं आता
ग़ैरों की बात छोड़िए, ग़ैरों से क्या गिलाअपनों ने क्या दिया हमें, अपनों से क्या मिला।
~ कैफ़ी आज़मी
सोचता हूँ कुछ “क़िस्से” कहूँ
फिर सोचता हूँ “किस से” कहूँ…
मुझसे ना मिल सकेगा किसी का मिजाज़ ,
मुझको तो अब गुलाब भी काले पसन्द हैं…..🖤