World's Best Cow Hospital English अपने पैरों पे खड़े होकर मरना.. घुटने टेक के जीने से कही बेहतर है..!! एक वक्त था जब जिंदगी जीने का शौक था, एक वक्त ये है सोचते है.... कट जाये तो इतना ही बहुत है..!! दोनो मज़बूर थे अपने अपने दायरों मे...ना वो बता सकी ना हम जता सके... हमारी जिंदगी का ठिकाना नहीं रहा अब उसने ठेस पहुँचाया हम ठेके पर पहुँच गए !! नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला हो लेने दो बारिश हम भी रो लेंगे दिल में हैं कुछ ज़ख़्म पुराने धो लेंगे सदार आसिफ़ विरानी खुद में थी,बेरंग दुनियां को लिखते रहे… सम्पूर्ण जीवन ही एक प्रयोग है। जितने प्रयोग करोगे उतना ही अच्छा है। मैं कैसे कह दूँ आज मेरे मन में व्यथा नहीं, पर संघर्षों से घबरा जाना मेरे कुल की प्रथा नहीं..! आईना बनने चला हूं, कहि अखबार ना बन जाऊं...? मर्ज मिटाना चाहता हूँ, खुद बीमार ना बन जाऊं.....? चार दिन की जिंदगीकुछ भी गिला न कीजिये,दवा, जाम, इश्क़, जहर जो मिले मजा लीजिये लौट कर नहीं मिलूंगा दुबारा जरा , सोच समझ कर खोना मुझे ..!! हजारों किताबों को पढ़ो तुम्हारे शब्द नदी की तरह बहेंगे बेहिसाब हसरतें ना पालिये.. जो मिला है उसे संभालिए..!! बीतने को पूरी रात पड़ी है और जीतने को कितने स्वप्न! ~ बाबुषा कोहली दूरियां बढ़ाता दौलत का घमंड भी एक दिन खाक हो जाएगा, ये रूह भी साथ छोड़ देगी, जिस दिन जिस्म राख हो जाएगा..!! डालोगे इज्जत पर हाथ उनके, वो सर' धड़ से अलग कर देंगी। अगर है वो द्रौपदी ' तो याद रखना, कृष्ण बनकर भी वही उभरेंगी।। सेजल किसी को अधूरा पाने से बेहतर है उसे मुकम्मल खो दिया जाए ..!! मत पूछ मेरी बेबसी का सबब क्या है, पहले पिघलाया फिर पत्थर किया था..!! काश एक शायरी कभी,तुम्हारी कलम से ऐसी भी हो,जो मेरी हो मुझ पर हो और,बस मेरे लिए ही हो..!! Prev1…202122…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.