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World's Best Cow Hospital

मेरे मसले अलग है दुनियां से मैं सबसे ज्यादा अपने में ही उलझी हूं

मेरे लहजे पे न जा क़ौल का मफ़्हूम समझ बात सच्ची हो तो लहजा नहीं देखा जाता

जिसे कोई नहीं सुधार पता,उसे वक्त सुधार देता है…

हँसता रहता हु….क्यूँकि मुझे ‘आज’ की फ़िक्र हैं, ‘कल’ की नहीं

तुम बदलो तो मजबूरियां है बहुत,हम बदले तो बेवफा हो गए ….!!

जो रिश्ते गहरे होते हैं, वो अपनेपन का शोर नहीं मचाते!

बाद में अफसोस करने से अच्छा है, मुझसे अभी बात कर लो…!!

तू बन जा गाली बनारस की मैं शाम तलक..

किताबें पढ़कर " विद्वान " बनना बहुत आसान है, लेकिन " नेक इंसान " बने रहना बेहद मुश्किल।

जब भी कोशिश करता हूं अपनी मौत टालने की, वो किसी ना किसी बहाने सामने आ जाती है..!!

जहां पत्तियां नहीं झरती वहाँ बसंत नहीं आता

रिश्तों में बातें ज़रूरी होती हैं।

बात करने से ही बात बनती है... बात ना करने से, बातें बन जाती है...!

दौलत देखकर मैंने कभी रिश्ते नहीं बनाए.. मैंने बड़े बड़े रईसों को ऊपर खाली हाथ जाते देखा है..!!

दुनियां उन्हीं से हाल पूछती है,जिनकी हालत ठीक होती है…

मैं केवल दो लोगों को ही सुंदर लगता हूं मम्मी को और कपड़ा बेचने वालों को

जो वक्त नहीं दे सकता.. वो साथ कैसे देगा..!!

ना पूछ मेरे सब्र की इन्तहा कहाँ तक है..तू सितम कर ले तेरी ताक़त जहाँ तक है..!!

तुझे पा लूं गर मैंपल भर को भी, तो पल भर में मैंसदियां बिता दूं।

क्या इक स्त्री और पुरुष के आपसी मजबूत संबंधो मापदंड मूल स्तम्भ सिर्फ सम्भोग है,,,?क्या देह से देह का घर्षण ही उनका आख़री पड़ाव है,,,?


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