बोलने में मर्यादा मत छोड़ना,
गालियाँ देना तो कायरों का काम हैं...
छत पर वॉक करने वाला मौसम है,
और छत से छलांग लगाने वाले हालात.
तेरे साथ लम्हें इतनी रफ्तार से गुज़रे
जैसे किसी बच्चे का दिन इतवार सा गुजरे!
अब रिश्ते भी नौकरी की तरह हो गए है,
बेहतर Offer मिलते ही लोग Change कर लेते है !
रोज़ अच्छे नही लगते आँसू खास मौको पे मज़ा देते है..!!
हाय वो जिम्हें देखा भी नही याद आये तो रुला देते है..!!
आग अपने ही लगाते हैगैर तो सिर्फ हवा देते है…!!
आँख में पानी रखो होंटों पे चिंगारी रखो,ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो !
रूख से हटाकर ये पर्दा हमसे मिला करोहोंने से पहले रूखसत गले से लग जाया करो
और मैं किस जुबां में करूँइज़हार तुमसे ये इश्क़ अपना
कभी तो यार मेरी इन बेचैनियों सेहाल मेरा समझ जाया करो
कुत्ता को घी और मानसिक विछिप्त व्यक्ति को पॉवर नहीं पचता है ।
मेरे लिखे शब्दो का हूबहू अर्थ हो तुम,खुद को तेरा न कहुँ तो मुझ बिन व्यर्थ हो तुम।
जिस्म दिखा देने से सोशल मीडियापर चंद लाइक ज़रूर मिल जाते है,मगर मर्द इज़्ज़त और सम्मान सरढकने वाली औरतों को ही देते है…!!
जिन्हें इंतजार आता है,
उन तक बसंत खुद चल कर आता है।
मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई,क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति मेंइतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख,अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके
हादसों को जो संग ले जाना था सब ले गये,एक सबक़ ज़िंदगी का मगर हमको दे गये !
मेरे शौक तो छोड़ो मेरी ज़िद भी छोड़ो
मन को इतने टुकड़ों में बांटा है उसने
अब तो ज़रूरत भी मुझे ज़रूरी नहीं लगती..!!
बीतने को पूरी रात पड़ी है और जीतने को कितने स्वप्न!
~ बाबुषा कोहली
कुछ लोग ठोकर खाकर बिखर जाते हैं…कुछ लोग ठोकर खाकर इतिहास बनाते हैं…!!
पीने का अंत बर्बादी ही है,
चढ़ गई तो आदमी बर्बाद,
और न चढ़ी तो पैसे।
उम्र बढ़ती, प्यार बढ़ता, अरमां जवां और दुनिया हसीन हो जाती,
तुम झरोखे से कुबूल कर लेती मुझको, तो जन्नत अधीन हो जाती !
बिना किताबों की जो पढ़ाई,
सीखी जाती है उसे जिंदगी कहते हैं..!!