दोनों भाई बहनों को ऊंट भी चाहिए और राजस्थान भी नहीं जाना चाहते..शास्त्रों में इसे ही कूटनीति कहा गया है…
अगर सोने का हिरण चाहेगी सीता
तो बिछड़ जायेंगे उसे राम ये तय है
चौदह वर्ष वनवास रहा
एक एक रात कटी रोते रोते
तब जाकर बार समझ में आई
सोने के हिरण नही होते
फर्ज़ बनता है "छोटो" का! कि उन्हें, समझाया जाएबड़े, बड़े हैं! मतलब ये नहीं कि गलत नहीं हो सकते
मेरे मुस्कुराने और खुश रहने में बड़ा अंतर है, जिस दिन तुम समझ जाओगे... यकीनन लौट आओगे.!!
सम्मान के साथ दिल पेश करेंगे
बस अपनी जुबान सही रखो ..!!
इंसानी फितरत है साहब,
सज़ा हो या सलाह सिर्फ दुसरो को ही दी जाती है….!!
एक दिन मैंने खुद की तलाशी ले ली ,जो कुछ मिला वो अपना था पर अपना लगा नहीं!
सच है कि तू जिंदगी है मेरीमुझे जिंदगी की फिक्र नहीं।
ये सांपों की बस्ती है जरा देख कर चल,यहां का हर शख्स बड़े प्यार से डंसता है.
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ते बदलो लक्ष्य नहीं,
क्योंकि वृक्ष अपनी पत्तियाँ बदलते है जड़ें नहीं...
आज जिंदा है…कल गुजर जाएंगे,कौन जानता है कब बिछड़ जाएंगे,नाराज़ न होना मेरी शरारतों से ए मेरे दोस्तये वो पल है,… जो कल बहुत याद आएंगे।
यादें दस्तक देती हैं
आँखें नम हो जाती हैं
होठ खामोश रह जाते हैं
दिल की धड़कनें
शोर बहुत मचाती हैं
मधुलिका
गधों को सफलता मिलने का मतलब ये नहीं कि वो टैलेंटेड हैं, हो सकता है कोई घोड़ा रेस में दौड़ा ही न हो।
जैकी यादव
दिमाग सबके पास है चालाकी करनी है या……...ईमानदारी वे संस्कारों पर निर्भर करता है…..!!
मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।
तेरा तुझकौं सौंपता, क्या लागै है मेरा॥
कुछ लोग आपसे सिर्फ उतना ही प्यार करेंगे,
जितना वो आपको इस्तेमाल कर सकते हैं,
जहां लाभ मिलना बंद हो जाता है,
वहां उनकी वफादारी खत्म हो जाती है
नजरें झुकी हैं पर इश्क़ भी बरकरार है
हया है चेहरे पर और इज़हार भी कमाल है …
तुझमें उलझ गईं हूं मैंये उलझनों के धागे कभी सुलझे ना
हाल ए दिल क्या बया करेंबीन तेरे मुझे कुछ गँवारा नहीं..!!
ज़िन्दगी का मामला भी अजीब है साहब..
ठोकर देकर संभालना सिखाती है..!!
कब कौन समेटता है यहाँ,खुद तोड़ कर पूछते है महफूज तो हो तुम…