गिरगिट तो बस नाम के लिए बदनाम है सरवरना इंसान से अच्छा रंग बदलना कौन जानता है..
जीत के सौ बाप होते हैं और हार अनाथ होती है।
बुद्धि तो सबके पास होती है लेकिन चालाकी, करनी है या ईमानदारी ये तो संस्कार पर निर्भर करता है ..!!
उनको भी हैप्पी होली,
जो मौका देख कर किसी और कि होली...
रिश्ते फुरसत के नही ,
वफादारी और स्नेह के मोहताज होते हैं।
घबराया साहेब बात बात पर डरता है,जब डगमग होवे कुर्सी तब धर्म को आगे करता है।पटर पटर बोले है ये सौ में नब्बे झूठ,राम नाम का लगा मुखौटा लेगा सब को लूट।चीन बढ़ाता अपना नक्शा उससे छिपता फिरता है,घबराया साहेब...
मतलब की दुनिया है लोग आपसे नहीं
आपकी स्थिती से हाथ मिलाते हैं !!
यकीं तो सबको झूठ पर ही होता है,
सच बोलने वाले को तो,
हर बात साबित करनी पड़ती है
ढल चुका है सूरज चांदनी भी खो रही है,
मेरे साथ तेरी याद में, ये रात भी रो रही है..!!
विरक्ति
पर्दे अच्छे, कम से कम बातें छनकर तो आती हैंदीवारों का क्या है.. वो तो आवाज़ें खा जाती हैं !!
पर्दा जिंदगी का हो या सिनेमा हॉलों काअंधेरों में दिखती है हकीकत उजालों की..!!
अच्छे रहते हैं वो लोग
जो परवाह नही करते ..!!
भावुक लोग रिश्ते को संभालते हैं और
Practical लोग रिश्ते का फायदा उठाते हैं...!!
हर मुश्किल से टकराना चाहता हूं ,तू इश्क़ कर मैं निभाना चाहता हूँ !!
कोशिश आखरी सांस तक करनी चाहिए, या तो लक्ष्य हासिल होता है या अनुभव
मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है!
तिरी ज़मीं से उठेंगे तो आसमाँ होंगे
हम ऐसे लोग ज़माने में फिर कहाँ होंगे
इब्राहीम अश्क
पूछ लेते वो बस मिजाज मेरा
कितना आसा था इलाज मेरा
बनना है तो नमक जैसा बनो
ना कोई ज्यादा इस्तेमाल कर सके,
और ना आपके बिना रह सके.....!!
मेरा बुरा वक्त क्या आ गया
आज अंधों को भी मेरे में कमियां दिखने लगी!!