जो पौधे संभाल कर रखे जाते हैं वे कभी वृक्ष नहीं बनते।
जो दूसरों की स्वाधीनता छीनते हैं, वास्तव में कायर हैं।
ये बारिश ये ठंडी हवा रिमझिम और ये मौसम,अगर तुम दूर ना होती पगली तो मिल के चाय पीते!!
बहुत अच्छे होकर भी आप हर किसी के लिए अच्छे नहीं हो सकते कहीं बुरे बना दिए जाते हैं तो कहीं बुरे साबित कर दिए जाते हैं !!!
तूफान ज्यादा हो तो कश्तियां डूब जाती हैं
और घमंड ज्यादा हो तो हस्तियां डूब जाती हैं..
पानी और चरित्र कितना भी साफ क्यों ना हो,
लोग इन्हें मैला करने में कोई कमी नहीं छोड़ते....!!
प्रेम , प्यास, प्रयास की अपनी जिद होती हैंऔर अपने ही रास्ते
सुनसान रास्तों पर भी , ज़िंदगी ख़ुशगवार लगती है ,,जब मौजूद हो कुछ भटके हुए साये , लाजवाब बेशुमार लगती है ,,भीड़ थी आसपास बहुत कि उलझनें और उलझ गई ,, इसलिए ...छोड़ दिया सब कुछ ,, अब ना कोई...
ये मेरा इश्क औरों जैसा नहीं…अकेले रहेगें पर तेरे ही रहेगें…!!
शीघ्रता में विवाह करने पर
हम फुरसत से पश्चाताप करते हैं।
विलियम कांग्रीव
हम को बचपन ही से इक शौक़ था बर्बादी से
नाम लिख लिख के मिटाते थे ज़मीं पर अपना!
परिंदों को नहीं पता उनका मजहब क्या है,
वरना आसमां भी खून से नहा गया होता..!!
कितना कठिन प्रश्न है यह "कैसी लगी लड़की…..?"कितना बड़ा कलेजा होगा लड़की के पिता का...
झूठी हैं इश्क़ की किताबें और शायर सभी ,
किसी ने रोते हुए लड़को के बारे मे नहीं लिखा ।।
तनाव से केवल समस्या जन्म लेती है,
समाधान खोजना है तो मुस्कुराना पड़ेगा....
खाली होना भी एक दुख हैजैसे जेब का खाली होंना,मन का खाली होंना,दिन का खाली होंना,जीवन का खाली होंना,किसी किताब के पन्ने का खाली होनाहालांकि सब अलग अलग रूप से असर करते हैं
बड़ा ही मुश्किल है
उस वक्त में मुस्कुराना
जब जिंदगी रुला रही हो
कितना आसान है
सब्र का टूट कर बिखर जाना
जब जिंदगी इम्तहान ले रही हो
चारो तरफ ही नज़रे फैलाते है
की कोई तो उम्मीद बची हो
और उस मझधार से
निकालने के लिए...
अब जा के ये खुला कि हर इक शख़्स दोस्तोहर शख़्स को लिबास से पहचानता रहा…
ना दोस्त है कोई मेरा ना ही अब कोई रहबर है,
मेरी ज़िन्दगी में मोहब्बत का होना ही ज़हर है..!!
विरक्ति
मैं "हिंदी" का "आलिंगन" हूँवो "उर्दू" में "आग़ोश"उसको मेरे "बाजुओं" में सुकूँन है,मैं उसकी "बाहों" में मदहोश…