World's Best Cow Hospital English जो भारी कोलाहल में भी संगीत को सुन सकता है, वह महान उपलब्धि को प्राप्त करता है। डॉ. विक्रम साराभाई तुम जरा कस के थाम लो "हाथ" मेरा, 'लकीरों' को अच्छा लगेगा "लकीरों" से मिलना..!! मैं झुक तो जाऊं, मुझे पता है मसला हल हो जाएगा,..मगर इससे मेरे किरदार का क़त्ल हो जाएगा… शक्ति चाहिए तो ज्ञान हासिल करो , और सम्मान चाहिए तो चरित्र अच्छा करो ..!! ज़ेहन ने मुझे कहा था पर हमनें दिल नहीं बदला तुम ही दूर होते गए, हमनें मंज़िल नहीं बदला इंसान का कर्म ही उसे सुल्तान बनाती है जरुरी नहीं है हर किसी के पास डिग्री हो.. मेरे दिल को चकनाचूर करके, उसने मेरे भरोसे को तोड़ा था, दुनिया समझ बैठा था जिसे अपनी, उसने ही अकेला छोड़ा था. जिंदगी में हर मौके का फायदा उठाओ लेकिन किसी के विश्वास का बिल्कुल नहीं... अब भी पूरा भरा है मेरे भीतर तेरे जाने के बाद का ‘ख़ालीपन’ मुझ पर तरस खाने वाले लोगहद्द से ज़्यादा बुरे लगते हैं मुझे बिछी थीं हर तरफ़ आँखें ही आँखें कोई आँसू गिरा था याद होगा अपशब्द एक ऐसी चिंगारी है, जो कानों में नहीं सीधे मन में आग लगती है... जिनको हर मोड़ पे कोई मिल जाएउनको पुराने रास्ते क्या ही याद रहेंगे!! खुद की कीमत गिर जाती है... किसी और को कीमती बनाते बनाते..!! ख़ुद के साथ समयबिताने में मज़ा आने लगेतो समझ जानापरिपक्व होने लगे हो जीवित लोगों से अधिक फूल प्राप्त होते है मृत लोगों को,क्योंकि…आभार से अधिक ताकतवर है अफ़सोस। ओह अच्छा.... तो तुम कह रहे हो के बारिशों का भी मौसम होता है.... मतलब..... तुमने देखा नहीं कभी किसी की आंखों को बरसते...!! वैरागी मुझे ज्ञान मत दो सहाब मेरा वक्त ख़राब है दिमाग नहीं वो महावर से भरे पांव कब खून से भर गए पता भी नहीं चल पाया उसे जो दिल जीतने निकली थी वो कब ख़ुद से हार गई पता भी नहीं चल पाया उसे....!! छोडने की लाख बुराई होने के बाद भी रुकने की एक वजह ही प्रेम होती होगी शायद Prev1…201202203…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.