बिना किताबों की जो पढ़ाई,
सीखी जाती है उसे जिंदगी कहते हैं..!!
रंगों में रंगों को मिलने तो दो
फूलों से दिल को खिलाने तो दो
आई है फिर से रंग भरी होली
है ये रंग गौरी नहीं बन्दूक की गोली
तो आओ रे.....
खेलों तुम सब होली रे
भर लो ये तुम आज प्रेम रंग...
हम खाली किताब थेलोग आते गए सबक छपता गया
जिन्दगी में सबसे ज्यादा पीड़ादायक है, “मां” का जिंदगी में ना होना..!!
इस रात के पैरों में किसने ज़हर ए खंजर बांधें है
रोज आशिकों की रूह पर नया निशान बनाती है
मुझे हजार चाहने वाले नही..
बस एक समझने वाला चाहिए..!!
मै खुद में अल्प हूं..
पर मुझे विकल्प मत समझना..!!
आज खुद को खुश रखना ही
दुनिया का सबसे बड़ा संघर्ष बन गया है।।
हर किसी पर विश्वास कर लेना खतरनाक है,किसी पर भी विश्वास न करना बहुत खतरनाक है.
सिर्फ तुम हो मेरे सुकून का लम्हा
वरना शोर तो सारे जहां में है.....
बना कर मिट्टी के दिए जरा सी आस पाली है ,
मेरी मेहनत भी ख़रीदो लोगो मेरे घर भी दिवाली है ...
मन का झुकना भी बहुत जरूरी है,
सिर्फ तन झुकाने से भगवान नहीं मिलते.....
माँ ' समझदारी' और पिता ' जिम्मेदारी' के सबसे श्रेष्ठ ज्ञाता है।
"नजरों का खेल था साहब"
"वो चुरा ना सके हम हटा ना सके"
ख़तरे में है अब अपने क़बीले की आबरू ,
जो मुखबिरों में थे अब वही सरदार हो गए हैं
क्या उस गली में कभी तेरा जाना हुआजहाँ से ज़माने को गुज़रे ज़माना हुआमेरा समय तो वहीं पे है ठहरा हुआबताऊँ तुम्हें क्या मेरे साथ क्या-क्या हुआम्म हम्म, खामोशियाँ एक साज़ हैंतुम धुन कोई लाओ ज़रा….
तुम ने तो सितारों को दूर ही से देखा है,तुम समझ न पाओगे आसमां की तनहाई…
अमूल्य होता है प्यार उसका,भविष्य सजाने में हांथ होता है,बच्चे कि जीत में अपनी जीत देखने वाला,केवल बाप होता है.
दूनियां में सिर्फ मोबाइल ही जानता है,
के उसके मालिक का किरदार कैसा है..
पैसा इंसान का लिबास तो,
बदल सकता है पर औकात कभी नहीं...