कहते-सुनते बात तुम्हारी सो जाता हूँ
ऐसे ही मैं रोज़ तुम्हारा हो जाता हूँ
अश्विनी यादव
उदासियों के लिए तो एकांत ही चाहिएँ
ख़ाली छतों पे चांद तारों का सिलसिला रखना..!!
किसी की परवरिश पर उंगली उठाने से पहले,स्वयं के संस्कारों का भी आंकलन कर लेना चाहिए...
अब कोई आए चला जाए मैं ख़ुश रहता हूँ
अब किसी शख़्स की आदत नहीं होती मुझ को
तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है ,
नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है ।।
ज़िंदगी ने सवाल बदल डाले,वक्त ने हालात बदल डाले,हम तो आज भी वही हैं जो कल थे,बस लोगों ने अपने जज़्बात बदल डाले!
"पाई पाई, तेरे जुल्मों का हिसाब रखेंगे,हम सब याद रखेंगे!"
रोज़ नया दिन निकलता है पर सूरज तो वही हैएक चक्कर घूम के दुबारा आपके पास आता हैऔर नया हो जाता है
वैसे ही ये ज़िंदगी है जब आप चाहें उसे नया बना देअच्छाईयों के प्रकाश से इसको नई रौशनी देपुराने...
लोग हत्या होते देख लेते हैं प्रेम होते नहीं देख पाते....!!
रूपया व्यक्ति का,
रवैया बदल देता हैं।
मोहब्बत कहीं न कहीं अपनी हम-ख़्याल पसंदीदा रूह के साथ सारी उम्र , बिना उकताये हम-कलाम होते रहने का नाम है .!!
कोई भी इंसान इतना खूबसूरत नहीं होताजितना उसे उसका चाहने वाला बना देता है
अकेलापन,लाख बेहतर है..!!मतलबी लोगों से….🖤
बेहतरीन का दौर है
आप कहां हम जैसे पर अटके हो..!
एक ही शख्स समझता था उसे,
और एक ही शख्स समझता था मुझे !!
फिर ये हुआ की वो भी समझदार हो गया,
और हम उसके सामने बच्चे ही रह गये !!
हर व्यक्ति के जीवन में कोई कमी जरूर रह जाती है।
ताकि वह समझ सके कि दुनिया इंसान नहीं
ऊपर वाला चलाता है !
चूल्हे में जल रही
आग से बड़ी
नहीं कोई रौशनी
ज़िंदगी बेहतर बनाने में ज़िंदगी को ही वक्त नहीं दे रहे है। कल की परेशानी के चलते आज को जी नहीं पा रहे है I
सच में अक्सर ऐसा होता
जब भी मेरे मन
और संघर्ष के बीच युद्ध होता है
सोचते अब लड़ के खड़ा हुए की
फिर लड़खड़ा के गिर ही जाते हैं
शायद यही असल ज़िंदगी का
यथार्थ मतलब है।
नेहा यादव
वक़्त ने फसाया है लेकिन मैं परेशान नहीं हूं,
हालातों से हार जाऊं मैं वो इंसान नहीं हूं !