मां ममता की मूरत बन गयी,पिता संघर्ष के प्रतीक रह गए।चोट लगी तो मां के अश्रुधार बहे,पिता मौन में दुःख को सह गए।।
सफल होने के लिए तुम्हें.. खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा..!!
हम भी तेरे आने कि आस में,अपनी दुनिया उजाड़ बैठे हैं,मेरी सांस टूटना बाकी है अभी,मगर चिता सजाए लेटे हैं..!!
तेरी "आंखें" भी क्या मुसीबत हैं ,मैं कोई "बात" कहने आया था..! #Jaun_Elia
जीवन निर्णय नहीं निरंतर भय है।
पिता के माथे की सिलवटें ही है,
बच्चो के हाथों की सुनहरे भविष्य की लकीर।
हैं ईश्क तो असर भी होगाजितना इधर है उतना उधर भी होगा…
जिनको हर मोड़ पे कोई मिल जाएउनको पुराने रास्ते क्या ही याद रहेंगे!!
नफरत आसान है, कोई भी कायर नफरत फैला सकता है
दयालु होने के लिए साहस की आवश्यकता होती है
स्नेह के उत्तर में माँ शीर्ष पर है, पिता तो सदा प्रश्नों में आते हैं !
क्या उस गली में कभी तेरा जाना हुआजहाँ से ज़माने को गुज़रे ज़माना हुआमेरा समय तो वहीं पे है ठहरा हुआबताऊँ तुम्हें क्या मेरे साथ क्या-क्या हुआम्म हम्म, खामोशियाँ एक साज़ हैंतुम धुन कोई लाओ ज़रा….
ये चार दिन की जिन्दगी, किस किस से कतरा के चलूं, खाक हूँ मैं…खाक पर…क्या खाक इतरा के चलूं...
वो चीज़ जिसे सुकून कहते हैं, हम भूल गए हैं कहीं रखकर...
मोहब्बत का तरीका सबसे जुदा रखा है..
ज़िक्र हर बात में तेरा, मगर नाम छुपा रखा है..
मैं किसी और की तरफ देखूंगी भी नहीं,तुम आराम से कामयाब होकर आना….
जूते घिसकर बनाई गई पहचान और ,
जूते चाटकर बनाई गई पहचान मे फर्क होता है ...
न चाहते हुए भी किताबों से, हमेशा दोस्ती रखनी पड़ेगी।
हम किताबी कीड़े है मेरी जान!, हमसे मोहब्बत महंगी पड़ेगी।।
सेजल
अंत तक का नहीं..
अनंत तक का सफ़र है प्रेम..!!
तू न थकेगा कभी,
तू न रुकेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ,
अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ
बदल गए हैं मायने अब रिश्तों के..
अब हर रिश्ते का मतलब,
सिर्फ़ "मतलब" है..