जिसके जाने से जान जाती थी
उसको मैंने खुद Block किया है
वक़्त को समझना, समझदारी है,वक़्त पर समझना, जिम्मेदारी है…!!
चाहने वालों की संख्या कम हो जाए चलेगा..मगर, जलने वालों की संख्या बढ़ती रहनी चाहिए…
सितम ये,के तेरा साथ नहीं कमाल ये,के जी रहे हैं …...!!
बचपन में तो यही स्टाइल था
हंसने की आदत डाली है,
खुशी का कुछ एहसास नहीं,
आसू भी अक्सर डुलते है
पर दुःख भी कोई खास नहीं,
नकाबों मैं वक्त गुजरे अपना,
गहरे अपने जज़्बात नहीं...!!
भुला दिए जाने से ज़्यादा,आश्चर्य देता है अचानक याद किया जाना…
“संसार में हर इंसान का परिवर्तन निश्चित है,किसी का हृदय परिवर्तित होगा और किसी का समय..!!
दोनों की मोहब्बत जुदा जुदा कभी तू मुझसे कभी में तुझसे खफा ख़फ़ा,,,,आ लग जा गले मिलकर करें अपने दरमियान सारे मसले रफा दफा,,,,
जहाँ तक मुमकिन था मै तुम्हारे पीछे भागा, अब इस से आगे तुम्हारी बदनसीबी है..
दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो,जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाए…
क्या उस गली में कभी तेरा जाना हुआजहाँ से ज़माने को गुज़रे ज़माना हुआमेरा समय तो वहीं पे है ठहरा हुआबताऊँ तुम्हें क्या मेरे साथ क्या-क्या हुआम्म हम्म, खामोशियाँ एक साज़ हैंतुम धुन कोई लाओ ज़रा….
कैसे हो पायेगी अच्छे इंसान की पहचान ,
दोनो ही नकली हो गए है आँसू और मुस्कान …
शेर भी बंध जाते है भेड़ों से,
जब अपने मिल जाते है गैरौ से।
टूटते हुए रिश्तों को बचाइए,
बिना बुलाए अपनों के घर जाइए,
फल-मिठाई ना सही,
कम से कम टमाटर ही ले जाइए।
जरूरत जिन्हें दिमाग की हो,
उन्हें दिल कभी मत देना.....
नादान हो तुम तुम्हें अभी इल्म नहीं है
ये ज़िन्दगी है मेरी जान कोई फिल्म नहीं है..!!
उबलते वक्त पानी भी सोचता है,
अगर बर्तन ना होता तो आग को बताता !!!
कमाने वाले को पता होता है पैसे कैसे कमाए जाते हैं,
बैठके खाने वाले लोग हाथ का मैल कह देते हैं।
अनवर चतुर्वेदी
आपकी अकड़ अभी जवा हुई हैं कल परसों में ,हमारे तेवर बगावती है वर्षो से…