जिसे रास नहीं सच्चाई से पिरोई भौतिक लेखनी,
वही मेरे दिली जज्बातों को नजरंदाज करेगा,
और जो महसूस कर सकेगा दर्द मेरे लफ़्ज़ों का,
वो "मोहब्बत" से "नफरत" बेहिसाब करेगा..!!
विरक्ति
जब मुसीबत सर पर भारी हो,
तब सारे दांव फंस जाते हैं,
और जिनको समझते हैं हम घनिष्ठ,
अक्सर वही डंस जाते हैं..!!
हम ताश के वो इक्के हैं, जो बुरे वक्त में सबको याद आते हैं...
सपेरों ने सांपो को ये कहकर बंद कर दिया,
इंसान ही काफ़ी है इंसान को डसने के लिए।
झूठे इल्जामों की फिक्र ना करें वक्त का ग्रहण चाॅंद ने भी झेला था!!
हार और जीत का कोई अर्थ नहीं होता
जो हौंसला न हारे ,वो जज़्बा व्यर्थ नहीं होता
रात दिन जो सिर्फ फ़तेह के गीत गाते है
जो, लड़ते रहते हैं वो इक दिन जीत जाते हैं
रात हवा तूफानी होगी
साथ रहो आसानी होगी।
अहमद महफूज़
मुझे अगर कोई समझ पाया है तो वो मैं,
खुद हूं बाकी सब तो बस अंदाज़ा लगा रहे हैं..
साथ रहकर जो छल करे, उससे बड़ा शत्रु कोई नहीं होता...
लग गई आग उन मकानों में जिन मकानों में कभी रहते थे,
आपसे और क्या कहें साहिब कल भी रोते थे अब भी रोते हैं।
इश्क से नशीला कोई नशा नहीं है,
घूंट–घूंट पीते है और कतरा कतरा मरते है...
बचपन के हैं ख़्वाब सुहाने तितली फूल और मैं
कहाँ से लाएँ अब वो ज़माने तितली फूल और मैं
तुम्हें पाना मेरी मंजिल नहीं है , तुम्हें सारी उम्र खुश देखना मेरा ख्वाब है...
बहुत खूबसूरत लग रही थी वोलेकिन माथे पर सिंदूर था ।।
लग्ज़री कार का शीशा उतारते कैसे, रईसजादे के बटुए में चिल्लर ही नहीं थे...!!
बिन मेहनत तरक्की चाहकर, रूपयों से खुशियां छांट लेते हैं,
स्वाभिमान बेचकर अपना, वो किसी के भी तलवे चाट लेते हैं..
तजुर्बा मेरी आँखों में देखिए
हरकतों से, मैं आज भी बच्चा हूँ...!!
इबादत में बैठे हुए लोगों को मारने पीटने का काम
शैतानों का होता है इंसानों का नहीं...
दिलों के दरवाज़े नहीं होते,
बस सरहदें होती हैं।
अगर कोई हमेशा आपको व्यस्तहोने का दिखावा करता है तो वहव्यस्त नही किसी और के साथ मस्तरहता है, कितना भी याद कर लोकितना भी जता लो एक दिन खुदको ही लगेगा कि अब अपना रास्ताअलग ही सही है सूचना जनहित...