दाँव पर सब कुछ लगा है, रुक नहीं सकते
टूट सकते हैं मगर हम झुक नहीं सकते
अटल बिहारी वाजपेयी
संभलना था हमें,, साथ फिसलते चले गए,, ना चाहा फिर भी,, उसकी चाहत में संवरते चले गए,, अंज़ाम मालूम था,, फिर भी आगे बढ़ते चले गए,, तिनका तिनका जोड़ा था ख़ुद को,, दूरियों में बिखरते चले गए,, अब तकलीफ़ ये...
मुस्कुराना इतना भी मुश्किल नहीं हैंबस तुम्हारे बारे में सोचना ही तो है !!
मासिक वेतन पूरनमासी का चाँद है जो एक दिन दिखाई देता है और घटते घटते लुप्त हो जाता है।
मुंशी प्रेमचंद
न्यूज़ देख रहा था
ना मुझे इजराइल से बैर है
ना फलीस्तीन से मोहब्बत
दोनो तरफ से मरने वालों की
संख्या बताई जा रही थी
जिसमे औरते मर्द मासूम थे
टूटते घर थे
कुछ लाशें थी
कहीं आग लगी थी
कहीं रुदन था...
जब क्रूर समाज ममता को नारी की कमजोरी समझ बैठे,
तब उस ममता को शक्ति का नव रूप बनाना जरूरी है।
सहनशील होना अच्छी बात है,
परन्तु अन्याय का विरोध करना उससे भी उत्तम है !
मैं सागर से भी गहरा हूॅं
तुम कितने कंकड़ फेंकोगे।
एक कतरा ही सही मुझे ऐसा तरीफ़ तो दे
किसी को प्यासा जो देखूँ तो दरिया हो जाऊँ….💫🎻
थोड़ा रंग बचा के रखना,
देर से ही सही मगर
हम आएंगे जरूर..
हर लम्हा लंबा और भारी है,
तुम्हें भुलाने की जंग जारी है...
वो जो साँसों में बसे रहते हैं,
उन्हीं से मिलती चोट भारी है...
गुनाह और ज़ख़्म छिपते नहीं,
कोशिशें शिद्दत से जारी है...
हर एक तंज़ का जवाब है,
कुछ तो हमनें...
कोई गिरता गया कोई गिर ही गया
वो लौट कर आई है मनाने को...
शायद आजमा कर आई है जमाने को..!!
तजुर्बे ने एक ही बात सिखाई है ,
नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है ।।
गुरुर है मुझे अपने भी किरदार पर , कोई तुमसा नहीं तो कोई मुझसा भी कहाॅ॓ है ..!!