हर मैदान में तुम बेखौफ लड़ो,
मौत वक्त से पहले नहीं आने वाली...
सइयाँ करें अग्निवीर के नौकरियाचार साल बाद करिहें मजुरिया..!
हर तरफ़ ज़ीस्त की राहों में कड़ी धूप है दोस्तबस तेरी याद के साये हैं पनाहों की तरह
बस दिल करता है ,कोई समझ ले ,संभाल ले ,समेट ले ...
यदि मंज़िल न मिले तो रास्ते बदलो,
क्योंकि वृक्ष अपनी पत्तियाँ बदलते हैं जड़े नहीं...
जब डूब रही थी कश्ती और दूर था किनारा,
तब भी भरोसा सिर्फ खुद पर था हमारा....
हवा ने किया ऐसे स्पर्श तनजैसे छू कर मन मीत गयाकुछ भरा हृदय प्रेम मगरदृग जल से कुछ रीत गया।
लड़की सिर्फ अपने पसंदीदा लड़के को ही, छोटी छोटी बातो पे ताना मरती हैं ..
करीबियां किसी और से हैं
और इल्जाम है हम पर दूरियां बनाने का...
मेरा धर्म बड़ा इस दंभ मे गला अपनो का रेत रहे,पहले मकां थे जो इंसान वो अब केवल खेत रहे,
शमसीर सी वाणी दिल मे नफरत कि आग है,कैसे रौशन होगा गुल यहा हर इंसान नाग है,
और अपने स्वार्थ मे निर्दोषो...
आपकी घड़ी को तो सुधारने वाले दुनिया में बहुत हैं, लेकिन आपके समय को सुधारने वाले सिर्फ़ आप हैं..!!
लोकतंत्र का यही आधार
उपयोग किया मताधिकार
कभी-कभी दिल बेवजह इतना भरा होता हैलगता है कोई नाम भी पुकारेगा तो रो देंगे
तुम मुझे इतना भूल जाना की तुम जी सको ,मैं तुम्हें इतना याद रखूगा की मैं जी सकूं...
गरीब की थाली में पुलाव आ गया हैलगता है शहर में चुनाव आ गया...
तस्वीरों पर फिल्टर इतना ही लगाएं कि मिलना पड़े!..
तो शर्मिंदगी ना हो…!
भरोसें के काबिल नहीं है ये जिंदगी..!!
शिकायत हो या मोहब्बत,अभी कर लो..!!
कितना हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का, किसी काम से आये थे… किसी काम के ना रहे।
बाप मेरा राजा नहीं था लेकिन ,
पाला मुझे राजकुमार की तरह था ।।
जीवन की असली पढ़ाई,पढ़ाई खत्म होने के बाद सुरू होती हैं…