World's Best Cow Hospital

मुझे क्या आई फ्लू होगा , मैं पहले ही उसके प्यार में अंधा हु..

सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट रही है देखूँ तो एक शख्स भी मेरा नहीं हुआ..!!

दुश्मन के शोर से ज़्यादा.. दोस्त की खामोशी तकलीफ देती है..

वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह

कह रहा है शोर-ए-दरिया से समुंदर का सुकूत जिस का जितना ज़र्फ़ है उतना ही वो ख़ामोश है।

जिद और जूनून चाहिये जीतने के लिये.. हारने के लिये तो आपका डर ही काफी है..!!

ख़ुद को ख़ुद से आज़ाद किया, जा, तुझको हमने माफ़ किया !

बुलंदियों का नशा हमने देख रखा है….बड़ा मुुश्किल है आसमां पे ज़मीर साथ रखना..!

हिंसा और अज्ञानता के मकड़जाल को शिक्षा की छड़ी से साफ़ किया जा सकता है। कैलाश सत्यार्थी

अचेतन मन में कोई न कोई ऐसी ग्रन्थि होती है, जो चैन से कहीं भी बैठने नहीं देती...

कुछ ऐसे लोग भी मिलेंगे जिंदगी में , जो साथ बैठकर हंसेंगें और पीठ पीछे डसेंगे

किसी का इंतज़ार उतने वक्त के लिए ही करो,, जितना वक्त वो आपको उस इंतज़ार के बदले दे सके,,

मायूस भी नहीं है वो और खुश भी नहीं है, क्या बात है जो दिल को मजधार में ले आई.. रफ़्ता रफ़्ता खत्म हुए हम जो तेरे इश्क़ में अफसोस है कि मौत क्यों इक बार में न आई.. तुझे...

क्यूं सोचें, के चार लोग क्या कहेंगे? समाज में महज़ चार लोग थोड़ी है।

मुझे तेरी मोहब्बत ने अजब इक रौशनी बख़्शी मैं इस दुनिया को अब पहले से बेहतर देख सकती हूँ!

"रास्ते" पर "गति" की सीमा है,"बैंक" में "पैसों" की सीमा है,"परीक्षा" में "समय" की सीमा है,परन्तुहमारे "सोच" की कोई सीमा नहीं,इसलिए "सदा" "श्रेष्ठ" "सोचें" और "श्रेष्ठ" पाएं..

सफल होने के लिए तुम्हें, खुद की दुनिया में कैद होना पड़ेगा...

उफ्फ ये रात ये आवारगी ये नींद का बोझ, अगर हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते...

मैं वो चिराग हूँ,जो आँधियों में भी रोशन था...खुद अपने घर की हवा ने,बुझा दिया है मुझे...

गरीब की थाली में पुलाव आ गया हैलगता है शहर में चुनाव आ गया...


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