आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं
सामान सौ वर्ष का है पल की किसी को खबर नहीं!
किताबें इस लिए पढ़ो ताकि आप,
लोगों से बहस नहीं तर्क कर सको...
कुछ तो राज छुपाएं जातें हैं मोहब्बत में यूं ही
कोई तीसरा अचानक से नहीं आ जाता जिंदगी में
दूसरो को नहीं...
खुद को समझना "चुनौती" है...!!
बुरा वक्त रुलाता है,मगर बहुत कुछ सीखा कर जाता है !
हमें कई पराजयों का सामना करना पड़ सकता है,
पर हमें पराजित नहीं होना चाहिए।
हम जिस दुनियां में रहते हैं,
उसका नकलीपन बिल्कुल असली है...
लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है ...
राहत इंदौरी
हे भगवान ये क्या हो रहा है।
चक्र कहां है आप का।
संघर्षो के दिनों में, तन्हा हर इंसान होता है।
साथ न कोई यार होता है, और न इतवार होता है।।
जब अक़्ल पर पर्दा पड़ता है
तो सबसे पहले समझाने वाला ही बुरा लगता है !!!
कहानी ख़त्म हुई और ऐसी ख़त्म हुई कि लोग रोने लगे तालियाँ बजाते हुए
जहां बातें ही तीर सी हों,
वहा रिश्ते छलनी हो ही जाते हैं...
हमें हारना मंजूर है,लेकिन धोखा देकर जीतना मंजूर नहीं है !
वो रूठी ही रहेगी, उसे खबर भी नहीं होगीमुझे कब? कहाॅं? किस लम्हें दफ़नाया गया
ईमानदारी से काम करने वालों के शौक़,
भले ही पूरे ना हों पर नींद ज़रूर पूरी होती है !!!
भूख बड़ी बेशर्म है,उम्र के किसी भी मोड़ परआदम जात का तमाशा बना देती है।
https://youtu.be/8b9Rh9XHihw
मैं कितनी भी कोशिश कर लूअपनी शायरी में प्यार के रंग नहीं उड़ेल पाती
मेरेशब्दोंमें अक्सर जिक्र होता है
रुसवाई, बेवफाई,बेरुखी,बेचैनी,आँसूक्योंकि आज तकमुझे तुमसे यही सब मिला हैइश्क क्या होता है?कभी जान ही नहीं पाईजो तुमसे आजतक नही मिलाशायद वही इश्क था
तेरे लौटने के इंतेजार में,तेरी यादों से मोहब्ब्त हो गई….