सम्मान के साथ दिल पेश करेंगे
बस अपनी जुबान सही रखो ..!!
सुंदरता का अर्थ नग्नता नहीं,शिक्षा का अर्थ अंग्रेजी नहीं…प्रेम का अर्थ पाना नही…..!!
अगर कभी वक़्त में उनसे मुलाक़ात होगीसिर्फ़ रस्म निभाने की शायद वो क़वायद होगीहँसी आती है मुझको अब दरमियाँ आयेवजहों पर ,के अब एक अजनबी बन कर पहचान होगी…
वो सूफ़ी का क़ौल हो या पंडित का ज्ञानजितनी बीते आप पर उतना ही सच मान।
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।
अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥
परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।
धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे
पिता बिना न हस्ती तेरी, न कोई तेरा ठिकाना है पिता के नाम से आना जग में पिता के नाम से जाना है !!
मन के हारे हार है, मन के जीते जीत।कह कबीर हरि पाइए मन ही की परतीत।।"
जिन्दगी संघर्षो का दरिया है इसे किस तरह,पार करना है ये सब अपना-अपना नज़रिया हैं…
इस दुनिया में ऐसे भी शैतान है,
जो धर्म के नाम से सरकार बनाते है. !!
हम जो आपसे मिले है इत्तेफाक थोड़ी है,
मिल कर तुमको छोड़ दे मज़ाक थोड़ी है।
समय हमें कुछ भीअपने साथ ले जाने कीअनुमति नहीं देता।
– कुँवर नारायण
वो जो ऊपर बैठा है ना.. जिसे हम सब परमेश्वर कहते है..वो कुछ भी कर सकता है..सिर्फ सब्र और विश्वास रखें
वो आईने में कैसे बर्दाश्त करता होगा खुद को
उसे तो धोकेबाज़ लोगो से सख्त नफरत थी..।।
तुम्हारी नोजरिंग पर कविता लिखने बैठता हूं तो कलम टूट जाती है.
दिल लगा कर ठुकराए हुए लोग हैं हम..
अफ़सोस कीजिए, किनारा कीजिए, सबक लीजिए..!!
तेरे !!! सजदे मे सर रख के मौला मेैंअपने सारे गमों को भूल जाता हूं…
गलती माफ़ हो सकती है,
गलतियां भी माफ़ हो सकती हैं
....पर धोखा कदापि नहीं।
संभोग करना आसान हैं,
और शादी करना मुश्किल हो गया हैं...
खुश क़िस्मत तो हूं लेकिन , खुशियां मेरा नसीब नहीं हैं ..!!