छुड़ा के उंगली पापा ने सलाह दी, अकेले चला कर बेटे सहारे ठीक नहीं होते...
मरना तो है ही,
अपने मनुष्यत्व और अधिकार के लिए मरो !
जरुरी नहीं है कि कुछ तोड़ने के लिए पत्थर ही मारा जाए
लहजा बदल के बोलने से भी बहुत कुछ बदल जाता है..!!
वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे है
ए-दोस्त तेरा चंद पल झूठा प्यार मुझे जिंदगी भर के लिए तबाह कर गया..
एक बार तुम्हारे भीतर का गुलाम गायब हो जाए,
तो तुम बादशाहों के भी बादशाह बन जाओगे
चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही !रवैये अजनबी हो जाये तो बडा दर्द होता है
सारे सपेरे वीरानों में घूम रहे हैं बीन लिए,आबादी में रहने वाले साँप बड़े ज़हरीले थे
हमारा चरित्र कितना ही दृढ़ हो, पर उस पर संगति का असर अवश्य होता है।"
प्रेमचन्द
मैं साइकल की घंटी सा बजता रहा,कार जैसे लोगों ने मेरी एक ना सुनी..
टूटते पुल, धंसती सड़कें,टपकती छतें, बेपटरी ट्रेनें, बंद नाले, डूबते बेसमेंटझकझोर रहे हैं सबअब तो जागो कम से कमजनता हो तुम जागीर नहींकिसी रजवाड़े कीवोट जो देते रहोगेभ्रष्ट, निर्लज्ज, अक्षम प्रतिनिधियों कोधर्म और जाति के नाम परमरते रहोगे यूंही सब...
सूखे कपड़ों से नमी निकाल रहा है,
वो मुझमें कुछ यूं कमी निकाल रहा है।
विज्ञान का विद्यार्थी रहा हूँ इसलिए बता रहा हूँकि भूत जैसी कोई चीज नहीं होती…पर चुड़ैलें सच में होती हैं भाई.!!
आपको लेकर मेरा खयाल नहीं बदलेगा,
साल बदलेगा मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा।
लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है ...
राहत इंदौरी
कितने झूठे थे ना हम दोनों मोहब्बत में,
बिछड़ कर खुश तुम , और जिंदा मैं भी हूं ||
दुनिया डरती है उन औरतों से
जो दुनिया से नहीं डरती हैं।
भिन्न मत का मान रखो, गलत का नहीं
किसी गरीब से ये बड़े शहर के लोगपैसे देकर बहुत कुछ छीन लेते है….!!
दुनिया में 70 % पानी हैलेकिन सबको इश्क़ में डूब कर मरना है…!!