World's Best Cow Hospital

कुछ सवालों के जवाब बड़ी ख़ामोशी सेबह जाते हैं आँखों के कोरों से छुपा दिये जाते हैं उनके सूखे हुए दागभीगे हुए मन के रूमालों में

बाते बंद होने के बाद तुम्हे जब भी देखा, तो सिर्फ ऑनलाइन ही देखा…!!

'आज का प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति प्रेम का भूखा है।' ~ मुक्तिबोध

चलो हकीक़त से थोड़ी मुलाक़ात  करते हैं ,जितनी औकात बस उतनी  ही बात करते हैं !!

मोटिवेशन वाली वीडियो देख करआदमी 10-15 मिनट ही मोटीवेट रहता है।।

मोहब्बत का तरीका सबसे जुदा रखा है.. ज़िक्र हर बात में तेरा, मगर नाम छुपा रखा है..

पेट का कोई धर्म नहीं होता,राजनीति तो भरे पेट वाले ही करते हैं…

जिस दौर से हम गुजरे हैं , तुम गुजरते तो गुजर जाते...

https://youtu.be/IlVQhjYTsak

घर का बटवारा मंजूर मुझे दिलों का #बंटवारा कभी ना हो...!!धन दौलत सब बाट लो लेकिन रिश्तो में इंसानियत की कमी ना हो..!!दूरी हो चाहे कितनी लेकिन दिल की दूरी ना कभी ना हो..!!दुख दर्द देख कर दूजे का ऐसा...

आप बस किरदार हैं अपनी हदें पहचानिएवरना फिर एक दिन कहानी से निकाले जाएंगे

मुनासिब समझो तो मुझे अपनी आंखों पर होंठ रखने दो ये डार्क सर्कल सिर्फ खीरे से ठीक नही होंगें

ज़िंदगी तू ने मुझे क़ब्र से कम दी है ज़मींपाँव फैलाऊँ तो दीवार में सर लगता है

"हम उस युग में जन्मेजहाँ युद्ध लड़े गएदेवालय बचाने कोस्त्रियों की देह बचाने को नहीं"

वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा...

खुद को कम बताकर तो देखोसामने वाले को अपनी औकात बताने में देर लग जाए तो कहना….. नोट- यहाँ "औकात" से तात्पर्य केवल धन से तो बिल्कुल भी नही है॥

गुरुर है मुझे अपने भी किरदार पर , कोई तुमसा नहीं तो कोई मुझसा भी कहाॅ॓ है ..!!

Auto Draft

सोच रहा हूँ बंद करदु ये शाएरी का सफर बस तेरी लाल लिपिस्टिक पर पूरी ग़ज़ल लिखदूँ...

कब कौन समेटता है यहाँ,खुद तोड़ कर पूछते है महफूज तो हो तुम…

पढ़ना ही है तो इंसान को पढ़ने का हुनर सीखो.. हर एक चेहरे पर लिखा है किताबों से ज्यादा..!!


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