एक बार अच्छी खासी लड़ाई के बाद तुमने कहा था कि" एक समय बीत जाने के बाद तुम्हें समझ आएगा कि मुझसे अधिक प्रेम तुम्हें कोई ना कर सका और तब तुम मुझे ढूंढोगी, मेरे उस प्रेम को याद करोगी,...
अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब बंदे
एक नूर ते सब जग उपजा कौन भले कौन मंदे
वहीं लोग मोहब्बत पे अच्छी पंक्तियां लिख पाते हैंजो लोग मोहब्बत में अक्सर ठुकरा दिये जाते है..!!
दुःख देखिएहम सब अकेले हैंफिर भी हमारे पास समय नहीं हैकिसी अकेले के लिए।
किसी मंदिर के बाहर लिखा था बेझिझक भीतर चले आइये…." पाप " करके आप थक गए होंगे ?मगर….." माफ़ " करके मैं नहीं थका.।।
अच्छा इंसान जब बुरा बनता है,
तब बहुत बुरा बन जाता है....
कभी समाज कि गंदी नियत, कभी पारिवारिक यातनाएं,
मुख पर नकली मुस्कान रखकर अकेले में आंसू बहाएं..!!
जिसके लिए टूटो वह तुम्हें कभी संँभालने नहीं आता
ज़िंदगी जब मायूस होती है,तभी महसूस होती है….
जो दिल मै होते है अक्सर... वो नसीब मै नहीं होते।।
मैं वो दरिया हूँ की हर बूंद भँवर है जिसकी,तुमने अच्छा ही किया मुझसे किनारा करके।
किसी भी क्लास में नहीं पढ़ाया जाता है,
कि कैसे बोलना चाहिए ,
लेकिन जिस प्रकार से आप बोलते हैं,
वह तय कर देता है कि आप किस क्लास के हैं !
"माँ थी अनपढ़
लेकिन उसके पास गीतों की कमी नहीं थी
कई बार नये गीत भी सुनाती
रही होगी एक अनाम ग्राम-कवि"
आलोक धनवा
खुद में ढूंढता हूं दुनिया भर की खुशी ,
दुनिया में ढूंढना महंगा सौदा होगा यही..!!
टूटते पुल, धंसती सड़कें,टपकती छतें, बेपटरी ट्रेनें, बंद नाले, डूबते बेसमेंटझकझोर रहे हैं सबअब तो जागो कम से कमजनता हो तुम जागीर नहींकिसी रजवाड़े कीवोट जो देते रहोगेभ्रष्ट, निर्लज्ज, अक्षम प्रतिनिधियों कोधर्म और जाति के नाम परमरते रहोगे यूंही सब...
भटकने की आरजू किसको है ,मिल जाओ तुम तो ठहर जाऊं मैं..❤️
दिल की बात है असर तो करेगी न,
मेरा लिखा तुम कभी तो पढोगे न...!!
अपना खुन पसीना बहा कर
जो जमीन को हरी-भरी
उपजाऊ बनाता है
वो किसान ही तो है
जो हमें दो वक्त की रोटी देता है...
बेवफाओं का घर नही बसताउनकी सिर्फ महफिलें सजती हैं
अब शहर भर जाते हैं,
और लाइफ खाली हो जाती है।
अनघ शर्मा