संस्कारों में बस इतने बने रहना,कि कोई परवरिश तक ना पहुंचे…
तेरा वो #रूहानी सा लगने वाला इश्क़,
तेरी वो आग - ए - खास बातें,
तेरी वो सलीके वाली मुलाकातें. 💕
पेश आाना तेरा वो अदब से.. 🌿
हाय!! वो तेरी शरमाती सी आँखें... 👀🌹
मूर्ख से बहस करना गाल पर बैठे मच्छर को मारने जैसा है,
मच्छर मरे या ना मरे पर आपको थप्पड़ ज़रूर लगेगा।
हम तर्क से पराजित होने वाले नहीं है।
हाँ, यदि कोई चाहे तो प्यार,
त्याग और चरित्र से हमें जीत सकता है।
-रामधारी सिंह 'दिनकर'
टूटे तो बिखर जगाओगे...अंत में तबाह ही हुऐ हैं बिखरने वाले !
मुझमें बसने वाले शख्स ने,❣️✨❣️मुझमें रहना छोड़ दिया..!!!
अपने गैरों की दलाली करने लग जाए, तो वो अधिक देर तक अपने नहीं रहते !!
प्रेम करुणा बन के आंखो से न बहे तो..
समझो अंतर मन में उतरा ही नहीं...!!
अगर जिंदगी में कुछ बुरा हो तो थोड़ा सब्र रखना यारो,क्योंकि रोकर हँसने का मजा ही कुछ खास होता है !
अश्कों से .. धोखों से .. जख्मों से मिलता है ..
सबक जिंदगी का ,
कहाँ दो - चार किताबों से मिलता है...
परिवार, हालात और रिश्ते जो संभालना चाहता है,वही झुक जाता है,वर्ना स्वाभिमान तो सुदामा का भी कहाँ कम था।
हमारे द्वारा किया गया आचरण और व्यवहार, हमारी संतानों के संस्कारों की नींव रखते हैं.
अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा।
तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा।
तुम्हारे साथ ये मौसम फ़रिश्तों जैसा है
तुम्हारे बा'द ये मौसम बहुत सताएगा।
बशीर बद्र
जमाने मे और भी दर्द है , सहने को साहब,
हर उतरे हुए चेहरे का मसला , इश्क नही होता..!!
इंतज़ार करने वालों को उतना ही मिलता है,
जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं!
कुछ दिली हसरतें कहें या ना कहें,या अनकहा सा कह दें,
उनसे उन्हीं का जिक्र करें या फ़िर हवाओं से कह दें,
षडयंत्र से सफलता
मिल सकती है , श्रेष्ठता नहीं..!!
अगर मैं सबके जैसा होता,
तो यकीन करो इतना परेशान ना होता...
मर चुका है दिल मगर जिंदा हूं मैं
जहर जैसी कुछ दवाएं चाहिए 💔
ज़िन्दगी नाम है अहसास की तब्दीली का, सिर्फ मर मर कर जीने से क्या होता है ...