उसे बारिश का मौसम अच्छा लगता था , मुझे उसके साथ बारिश मे भींगना !!
कितनी मासूम है एक तरफ़ा मोहब्बत वैसे खेलता रहता है ... मैदान में बच्चा तन्हा
….ख्वाहिशों का काफिला भी बड़ा अजीब है
अक्सर गुजरता वहां से है जहां रास्ते नही होते..!!
ये वही कमरा हैजहाँ तुम्हारी बातो का शोर थासाथ गुजारे लम्हें खिलखिलाते थेजाने कितने वादों का इकलौता गवाहजाने कितने रूठने मनाने वाले पल का हमसफरहंसी ठहाको के शोर से सराबोर ये कमराआज बिखरी कुछ यादो को समेटतावीराने के गीत सुनाताकभी...
चाँद को छू के चले आए हैं विज्ञान के पँख
देखना ये है कि इंसान कहाँ तक पहुँचे
- गोपालदास 'नीरज'
दोनों ही पक्ष आए हैं तैयारियों के साथ
हम गर्दनों के साथ हैं वो आरियों के साथ
तू ज़ाहिर है लफ़्ज़ों में मेरे
मैं गुमनाम हूँ खामोशियों में तेरी…
बातों की उम्र घट सी गई है,,
कभी तुम नहीं मिलते,,
कभी मैं खो जाती हूं,,
जिसे देखो वो दुःखी है .. आखिर ये खुशी जा कहां रही है ...
आपको लेकर मेरा खयाल नहीं बदलेगा,
साल बदलेगा मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा।
एक मनपसन्द शख्स की कमीदुनिया के सारे लोग मिल के भी पूरी नहीं कर सकते...
तुझे पा लूं गर मैंपल भर को भी,
तो पल भर में मैंसदियां बिता दूं।
में दौड़ दौड़ के खुद को पकड़ कर लाता हुतुम्हारे इश्क ने बच्चा बना दिया मुझे...
समझदारो की भीड़ में खड़ा मुझे वो बावला पसंद है,
हम शौकीन है चाय के, हमे लड़का सावला पसंद हैं..!
सुकून जिसे कहते हैं,
यारों वो सिर्फ़ ❣️मां❣️ होती है।
हर रिश्ता इसी कागज़ का गुलाम हैं..जिसे हम पैसा कहते हैं...
बस पेड़ गांव के हिस्से में होते है
और
फल शहर को मिल जाते हैं ।
गुलामी के दावत से बेहतर हैं,
आज़ादी की सुखी रोटी...
जैसा आप करेंगे,वैसा ही काम आपके बच्चे भी करेंगे।
राजनीति में, साहित्य में, कला में, धर्म में, शिक्षा में। अंधे बैठे हैं और आँखवाले उन्हें ढो रहे हैं।