चरण कमल राधा रानी के, जहाँ जहाँ पड़ जाएं,
मिट्टी के कण भी झूम झूम, बस राधे राधे गाएं !!
है सब कुछ भी ,मगर है कुछ भी नहीं….तू ही तू है मेरे अंदर ,मुझमें मैं कुछ भी नहीं…!!
बच्चों को जहां चूमती है वो
ठीक उसी जगह चूमती थी वो
एक तुम्हारे ना होने से ऐसे लगता है जैसे,
सुबह से शाम होने मे कई दिन लगते है ..
मोहब्बत कभी स्पेशल लोगों से नहीं होती
जिनसे होती है वही स्पेशल बन जाते है
मुझ पर तरस खाने वाले लोगहद्द से ज़्यादा बुरे लगते हैं मुझे
मुझे तुम्हारा साथ चहिए,तुम्हारी सलाह नहीं…
रेशम का जाल है,
देखने में सुंदर,
किंतु कितना जटिल
मुंशी प्रेमचंद
बात चाहे हम पूरी दुनिया से कर ले…..पर पगलू तेरी कमी कोई भी पूरी नहीं कर सकता…!!
यहां दरिया पे पाबंदी नहीं है,मगर पहरे लबों पे लग रहे है !
आधुनिकता के नाम पर नंगे हो रहे हैं तन
इसका मतलब जानवर कहीं हमसे आगे है
घायल होना कहानी का अंत नहीं,
वारदात होगी क्योंकि हम शांत हैं संत नहीं..!!
जो कल थे,वे आज नहीं हैं।
जो आज हैं,वे कल नहीं होंगे।
होने न होने का क्रम,
इसी तरह चलता रहेगा,
हम हैं,हम रहेंगे, ये भ्रम भी,
सदा पलता रहेगा।।
अटल बिहारी वाजपेई
सारे सफर मन ही मन इसी बात पे रोना,कि जहां से लौट रहे है, वहाँ हंसने गए थे.
जरूरत पड़ने पर जो साथ दें,
वो अपने से बेहतर होता हैं...
सोचा थाघरबना कर बैठूँगासुकून सेपर घर की ज़रूरतों नेमुसाफ़िर बना दिया
~ गुलज़ार
तेरे जुल्फों का वो हेयर क्लिप बन जाऊँ,जुल्फों से हटू तो तेरे लबों में दब जाऊँ!!
हमने सोचा था की जन्नत में हुरे मिलेंगीतो दिल नहीं लगाया किसी से..!!
तुझे जो #हिजाब में देखा तो,, लगा ऐसे ये दुनियां ही जन्नत है.!
बसीर बद्र
ढल चुका है सूरज चांदनी भी खो रही है,
मेरे साथ तेरी याद में, ये रात भी रो रही है..!!
विरक्ति
ना दशहरा ना होली ना दिवाली होता हैं,
बेरोज़गारो का त्योहार नौकरी होता हैं...