ज़िन्दगी के कुछ लम्हें और हादसे भुलाये नहीं जाते,हालांकि भुला देने में भलायी होती है.लेकिन अफसोस हमसे ये हो नहीं पाता.
खुद की कीमत गिर जाती है...
किसी और को कीमती बनाते बनाते..!!
अभी भरा नहीं था गम पति के जाने का,
उससे पहले रिश्तेदारों ने बेघर कर दिया,
भरे नहीं थे घाव एक मां कि चूड़ी टूटने के,
बच्चा बड़ा होने से पहले उन्हें लावारिस कर दिया..!!
अंत केवल मृत्यु है,
हर दिन प्रयत्न करना जीवन है!
ऐसी बाँणी बोलिये, मन का आपा खोइ।
अपना तन सीतल करै, औरन कौं सुख होइ॥
कुछ देर की ख़ामोशी है फिर शोर आएगा
तुम्हारा सिर्फ़ वक़्त आया है हमारा दौर आएगा।
सिर्फ तुम हो मेरे सुकून का लम्हा
वरना शोर तो सारे जहां में है.....
षडयंत्र से सफलता
मिल सकती है , श्रेष्ठता नहीं..!!
जरूरतें, ख्वाहिशे, ज़िम्मेदारियां, यूंही तीन हिस्सों में दिन गुज़र जाता है..
रात को जब अकेला होता हूॅं
खुद को सवालों के कठघरे में पाता हूं
बात सह गए तो रिश्ते रह गए
बात कह गए तो रिश्ते ढह गए
फॉर्मल कपड़ा अच्छा लगता है,रिश्ते नहीं।
हज़ारों जताने वालों सेएक निभाने वाला बेहतर है..!!
यूँ तो अमरोहा से मेरा कोई नाता ना था
फिर कमबख्त नामुराद मोहब्बत हुई
और उसपर सितम तुझ बेवफा से हुई
और हम खुद बे खुद
जॉन ऐलिया के मुरीद हो गए
औरतें आंसूओं की झीलों से हरी रहती हैं ,
दूध और खून तो औलाद में बट जाता है
संविधान केवल एक वकीलों का दस्तावेज नहीं है..
बल्कि यह जीवन का एक माध्यम है....!!
बच्चे ने तितली पकड़ कर छोड़ दी
आज मुझ को भी ख़ुदा अच्छा लगा।
हे बजरंगबली आप करूणा के सागर दया के भंडार हो,अपनी कृपादृष्टि बनाए रखो बाबा जिससे सबका बेड़पार हो..!!
ज़िंदगी किसी के तो काम आये, हमारी उमर ही आपको लग जाये !!
बस्ती नहीं सूरत अब किसी और की आंखों में,
काश कि तुम्हें इतना गौर से ना देखा होता