जरूरी था नजर झुका के चलना भी ,,वरना हम तो दूर से देख कर भी मुस्कुरा लिया करते थे..!!
ला "श्रंगार" कर दूं तेरा अपनी "मोहब्बत" से,कहीं मैं भी तेरी "मांग" पर "सिंदूर" हो जाऊं..!!
एक घुटता रहता है दूसरा हसी में टाल देता हैतकलीफ एक ही होती है बस मिजाज दो होते है
कुछ यात्राएं जीवन जितनी लंबी होती हैं ,जिन्हें पूरा करने के लिए हमें खर्च हो जाना पड़ता है!
मुझे क्या आई फ्लू होगा ,
मैं पहले ही उसके प्यार में अंधा हु..
अभी भरा नहीं था गम पति के जाने का,
उससे पहले रिश्तेदारों ने बेघर कर दिया,
भरे नहीं थे घाव एक मां कि चूड़ी टूटने के,
बच्चा बड़ा होने से पहले उन्हें लावारिस कर दिया..!!
एक घुटन सी हो रही थी मुझे संपूर्ण रात्रि ,घबराहट सी हो रही थी अपने ही अंधेरे कमरे में....भोर की सुनहरी रौशनी आई एक हल्की दस्तक लिए ,उदासी तमाम मेरे कमरे के दरवाज़े से फ़ौरन ही विदा हो कर नई...
गुरु के आशीर्वाद से शोभा नगर कि बढ़ाई थी
फुलवाड़ी मे भ्रमण करते झलक सिया कि पायी थी
मोहित हो गये राम तभी जब दिखी बाग मे जानकी
प्रत्यंचा चढ़ाई हासिल की सीता ये बात थी सम्मान की
राम जैसा धैर्य सीता सी पवित्रता...
बलात्कार को 'पाशविक' कहा जाता है,
पर यह पशु की तौहीन है,
पशु बलात्कार नहीं करते,
सुअर तक नहीं करता, मगर आदमी करता है।
हरिशंकर परसाई
तरस आता है अपने बाप पर, उसे औलाद मुझ जैसी मिली.
एक तेरा दीदार मेरे सारे गमो को भुला देता है….
मेरी जिंदगी को जिंदगी बना देता है….!!
स्वार्थ को इतनी छूट देना सही नहीं कि वह विवेक को ही खा जाए।
बेशक उठाओ उंगली मेरे किरदार परमगर शर्त ये है कि उंगली बेदाग होनी चाहिए
मुझसे नफ़रत करनी है तो होंश से करना , ज़रा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी ..!!
शिक्षा सबसे अच्छा दोस्त है।
एक शिक्षित व्यक्ति हर जगह सम्मानित होता है।
शिक्षा सौंदर्य और युवाओं की धड़कन है"
- चाणक्य
जंगलों में आज भी मुझे लगता नहीं है डर
है शुक्र कि अब तक जानवर इंसां नहीं बने
अम्बष्ठ
✯||तारीफो में कमी नहीं होगी जानतुमने शायर को पटाया हैं किसी छपरीको नहीं…||✯
ये खाली सा दिखने वाला घर एकदम से भर जाएगा,
ये उदास दिखने वाला लड़का एक रात मर जायेगा...
घमंड से आदमी फूल सकता है, फल नहीं सकता।
प्रेमचंद
चश्मदीद अन्धा बना, बहरा सुने दलील
झूठों का है दबदबा, सच्चे हुये ज़लील