पिताजी के बाहर जाने पर मां कभी
किवाड़ तुरंत बन्द नहीं करती थीं.
खुली छोड़ देती थीं सांकल
कभी कभी पिताजी
कुछ दूर जाकर लौट आते थे
कहते हुए..
कि कुछ भूल गया हूं
और मुस्कुरा देते थे दोनों...
मां ने सिखाया...
किवाड़ की खुली सांकल
किसी के लौटने...
उसे पता ही नही इंतज़ार का दुःख
मैं उसके पास कभी "देर" से गया ही नही..
एक अदा से शुरू एक अन्दाज़ पर खत्म होती है , नजर से शुरु हुई मोहब्बत नजरअंदाज पर खत्म होती है !!
दर्द आदत है सुकून चाहत है,
ये जिंदगी एक आफत है।
कागज🦋
आपकी अकड़ अभी जवा हुई हैं कल परसों में ,हमारे तेवर बगावती है वर्षो से…
सच्चाई हमेशा थोड़ी,
निराशाजनक होती हैं।
घर के मुखिया को सच्चा और ईमानदार होना चाहिये।
झूठा फ़रेबी और जुमलेबाज नहीं !
कुछ इस तरह लगना तुम गले मुझ से,
कि छीन लेना मन की उदासियां सारी .!
किसी रात कभी ऐसा भी हो,हम म'र जाएं, उसे खबर न हो.
मैं टूट कर रोने वालों में से नहीं हूंँ,,
जो मुझसे खफा हो वो शौक से दफा हो..!!
जिंदगी एक दिन खत्म हो जाएगी,
बस इसी बात की खुशी है मुझे....
कल तक जो अपनी बहन की पढ़ाई के खिलाफ़ था, आज वह अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए लेडी डॉक्टर ढूंढता है।
हिम्मती प्रेमिकाएं पत्नियां बन जाती हैबाक़ी सभी कविताएं बन जाती है ।
बड़ी ठोकरें खाकर समझदार हुआ हूं,अब मैं दिल की बातों पर ध्यान नहीं देता…
सीधे इंसान को गलती से भी धोखा मत देना,
क्योंकि सीधे इंसान का जवाब
ऊपर वाला बहुत टेढ़े तरीके से देता है।
भावनाओं का कोई पार्थिव शरीर नहीं,
होता उनका बस अंतिम संस्कार होता है....
सनकी
मोहब्बत कमज़ोर दिलों का काम नहीं !!!
रूहें कांप जाती हैं जब यार जुदा होता है !!
झूठे लोग आगें बड़ गएहम बेवकूफ सच बोलते रह गए !!
आत्मबल को भेदती इस तीक्ष्ण गर्मी में, मानसूनी बारिश की पहली फुहार हो तुम...
हीरा परखरने वाले से ज्यादा,
पीड़ा परखने वाले ज्यादा महत्वपूर्ण होते है…!!