बूढ़ा बाप समझा मुकद्दर संवर गया ,
बेटे ने डिग्री ली और घर से निकल गया ।।
यूँ तो अमरोहा से मेरा कोई नाता ना था
फिर कमबख्त नामुराद मोहब्बत हुई
और उसपर सितम तुझ बेवफा से हुई
और हम खुद बे खुद
जॉन ऐलिया के मुरीद हो गए
व्यर्थ का तक़ल्लुफ़ क्यों किसी से निभाना..जहाँ दिल न मिले वहाँ हाथ क्यों मिलना..!!
ऐसी नज़रों की क्या क़ीमत ,जो हर किसी को देख फिसल जाए…
ऐसी सुंदरता भी किस काम की जोईमानदारी से चार कदम न चल पाए..!!
धर्म मनुष्य जीवन को बेहतर बनाने के लिए बना था,
और आज मनुष्य धर्म को बेहतर बनाने में लगा हैं...
अश्लीलता क्या हैं,नजरिया या कपड़े.?
बारात में #नोटों की गड्डी उड़ाने वाले #लोग #पूजा की #आरती के लिए खुल्ले #पैसे ढूंढते हैं अभी हमे बहुत बदलना है
कोशिश बहुत की , कि
राज-ए-मुहब्बत बयां न हो ,
पर ये मुमकिन कहाॅं ,
के आग लगे और धुंआ न हो..!!
⊰𖤍⊱┈─ 𝑻𝒉𝒆𝑨𝒘𝒂𝒓𝒂𝑷𝒂𝒓𝒊𝒏𝒅𝒂 ─┈⊰𖤍⊱
फासले और बड़ा लो एतराज़ कब किया हमने ,
तुम भी ना भूल सकोगे वो अंदाज़ हूं मै ..!!
यू ही सा था कोई जिसने मेरी जिंदगी मिटाई
ना कोई खुदा ना कोई खुदाई
अब भी पूरा भरा है मेरे भीतर
तेरे जाने के बाद का ‘ख़ालीपन’
रोयी भी हूँ रूठी भी हूँ ,
अकेले में टूटी भी हूं.
अचानक आ जाती है मृत्यु की ख़बरअचानक डूब जाता है शहरअचानक ढह जाती हैं इमारतेंअचानक चुभ जाता है कांटाअचानक फैल जाती है आग जंगल में
सारी त्रासदियां अचानक आती हैंनहीं आता कभी कोई सुख अचानकजैसे तुम कभी नहीं आयी।
~गौरव गुप्ता
दिक्कतों पर जितना ध्यान दोगे वो उतनी बढेंगी ,
समाधान पर जितना ध्यान दोगे वो उतने ही मिलेंगे ...
जरुरत है तो जिक्र है...
वरना... किसको किसकी फिक्र है...
सच्चे प्यार करने वाले जिकर नहीं करते
लेकिन फिकर बहुत करते हैं
सिर्फ साँसों का नाम ज़िन्दगी नहीं होता...
इसलिए हर सांस लेने वाला जिंदा नहीं होता..!!
खतरा जब देश पर हो सिर पे कफ़न रखते हैं
हम भी अपने दिलों में हुब्ब-ए-वतन रखते हैं।
सौरभ
असत्य है ईश्वर नहीं मारताउसकी निर्माण सत्ता का भवन नहीं बिखरता एक पिता की मृत्यु परथरथरा कर रेत साधड़ाम से गिर पड़ता हैईश्वरीय सत्ता का भवनऔरप्रत्येक मां की मृत्यु परसंतान दृष्टि मेंमर जाता है ईश्वरक्योंकि मां ही ईश्वर का प्रतिबिंब...
सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाऊँगा मैं इस बात को, कि बहुत गौर से देखा था तुमने मेरी चाय को ...