कोई किरदार तो तुम लाओ हमारे जैसा
हम उसी रोज़ कहानी से निकल जाएंगे....!
इश्क बेहद किया है हमने..इसलिए बस हदें ना लांघ सके..🍁
दया अगर लिखने बैठूं होते हैं अनुवादित रामरावण को भी नमन किया ऐसे थे मर्यादित राम
~अज़हर इक़बाल
चालाकियों से कुछ देर ही मोहित किया जा सकता है ,
दिल जीतने के लिए सरल और सहज होना ज़रूरी है ...
दौलत, शोहरत और ताकत मिलने पर ,
इंसान बदलता नहीं है बल्कि बेनकाब होता है ...
पढ़ा जाये या कमाया जाये
ये दिमाग़ नहीं पेट तय करता है
किसी को अधूरा पाने से बेहतर है
उसे मुकम्मल खो दिया जाए ..!!
जोर बाकी नहीं उड़ान में क्यावर्ना रखा है आसमान में क्या
नींद आ जाए तो सो भी जाया करो यूँ रातों में जागने से महबूब लौटा नहीं करते..
संघर्षों की समर भूमि में, हमसे पूछो हम कैसे हैं, कालचक्र के चक्रव्यूह में, हम भी अभिमन्यु जैसे हैं। हरिओम पंवार
शिद्दत से मेहनत करो यार… प्रेमिका केवल संभोग सुख दे सकती है, सफ़लता नही…!
पैसे वालों की चमचागिरी करती है दुनिया,
गरीब और मजदूर की सुनता कौन है।
सदा जो दिल से निकल रही हैवो शेर और नगमों में ढल रही हैकी दिल के आंगन में जैसे कोईग़ज़ल की झांझर छनक रही है
शराब तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ेगी,
तुम एक शख्स के नशे में मरोगे..
हर पेड़ धरा का गहना है,
ऐसा ही सबका कहना है।।
पेड़ों से चलता है जीवन,
ये हैं असली धरती का धन।।
मत काट इन्हें रोना होगा,
जल की बूँदे खोना होगा।।
खुद से खुद का ही रण होगा,
रण भी इतना भीषण होगा।।
#आक्सीजन ही जीवन...
जिसे आपके गुस्से की परवाह नहीं, यकीं मानो उस व्यक्ति को तुमसे कोई लगाव नही॥
बारिश__
आसमाँ का दर्दसींचती है धरतीपनपता है प्रेम
ये दो शब्द जीवन को नष्ट कर देते है..पहला "अहम" और दूसरा "वहम"…!!
मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई,क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति मेंइतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख,अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके
तू सच बोलने का इरादा तो कर, बिरह काटने का हौसला है मुझ में.