अपनी आत्ममुग्धता से दिमाग पर लगातार प्रहार करते हैं..!!
बच्चा अगर आत्महत्या करे, तो मां-बाप ज़िम्मेदार रहते हैं..!!
यदि मंज़िल न मिले तो रास्ते रोक लो…
क्योंकि 💓 अपनी सट्रेजी बदलते हैं कूडी नहीं...
दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते,
पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग ।
"मुझे भी सिखा दो वादों से मुकर जाना,
बहुत थक गया हूँ निभाते निभाते".......!!
बुरे वक्त में कंधें पर रखा हुआ हाथ…कामयाबी पर तालियों से ज्यादा कीमती होता है..!!
न चाहते हुए भी किताबों से, हमेशा दोस्ती रखनी पड़ेगी।
हम किताबी कीड़े है मेरी जान!, हमसे मोहब्बत महंगी पड़ेगी।।
सेजल
किस चीज़ का बनवाती हो लिबास तुम अपना ,
कपड़ा तो इस आग को छूकर जल जाता होगा..!
कीमत दोनों को चुकानी पड़ती है,
बोलने की भी और चुप रहने की भी....
कमाल की थी तेरी वो मुस्कुराहट जिसके हम कायल थे,
आज तो तेरा लहजा मेरे मौन को भी घायल किये हुए है..!!
विरक्ति
शकिस्तगी का भरम रखना ऐ मेरे चेहरे ,किसी का सामना हो तो उतर नहीं जाना
उसे बारिश का मौसम अच्छा लगता था , मुझे उसके साथ बारिश मे भींगना !!
क्रोध सदैव दूसरे को कम
और
स्वयं को ज्यादा हानि पहुंचती है !!!
सबसे ख़तरनाक होता है
मुर्दा शांति से भर जाना
न होना तड़प का सब सहन कर जाना
घर से निकलना काम पर
और काम से लौटकर घर जाना
सबसे ख़तरनाक होता है
हमारे सपनों का मर जाना
सबसे ख़तरनाक वह घड़ी होती है
आपकी कलाई पर चलती हुई...
गांव मे गुलाम नही मालिक रहते है !
नसीब में कुछ रिश्ते अधूरे ही लिखे होते हैं..
लेकिन उनकी यादें बहुत खूबसूरत होती हैं..!!
शाम से आँख में नमी सी हैआज फिर आप की कमी सी है
~गुलज़ार
ना राधा बनना है, ना मीरा बनना है,,मुझे ज़िंदगी की राहों में,,बस तुम्हारे साथ चलना है,,
~कीर्ति चन्द्रा
"कुछ लोग पाँवों से नहींदिमाग़ से चलते हैंये लोगजूते तलाशते हैंअपने दिमाग़ के नाप के।"
नरेश सक्सेना
न कर यूं बेवक्त बारिश हे भगवान
किसान के चेहरे की खुशी खेतों में पड़ी है।
रोज इक ताजा शेर कहाँ तक लिखूं तेरे लिए,
तुझमें तो रोज ही एक नई बात हुआ करती है !!