जिन्हें हालात से आता है टकराना, उनको मुसीबत भी खुशी की तरह लगती है…

लिया नहीं दरियाओं का एहसान क़भी,मैं कुआं खोद के पानी पीता आया हूँ।

कल मैं चालाक था, इसलिए मैं दुनिया बदलना चाहता था, आज मैं बुद्धिमान हूँ, इसलिए मैं अपने आप को बदल रहा हूँ।

कहानी लिखने वाला बड़ा नहीं होता, बड़ा वह है जिसने कहानी अपने जिस्म पर झेली है। ~ अमृता प्रीतम

हर चेहरे पर नक़ाब है, ये दौड़ बहुत खराब है...!!

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