गिरने के बाद समझ आया ,यहां चलना भी खुद है संभलना भी खुद है …

स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है, संतोष सबसे बड़ा धन और विश्वास सबसे अच्छा संबंध। ~ गौतम बुद्ध

हमने देखा है जो मर्दों की तरह रहते थे , वो मस्ख़रे बन गए दरबार में रहने के लिए

जिनको हर मोड़ पे कोई मिल जाएउनको पुराने रास्ते क्या ही याद रहेंगे!!

लोग जिस हाल में मरने की दुआ करते हैं, मैं ने उस हाल में जीने की क़सम खाई है!!

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