ये जो हालात हैं ये सब तो सुधर जाएँगे, पर कई लोग निगाहों से उतर जाएँगे…

तुम्हरा शक का बोझ इक दिन इश्क़ की नैय्या डुबो देगी.....!!

बेनूर हूँ, बेसब्ज हूँ, मशरूफ़ खुद में हूँ क़ाबिल नहीं मैं, मेरी अक़ीदत न कीजिये

बेरोज़गार के लिए, रोज़गार ही त्योहार होते हैं…

घमंड में मत रहिए, अर्श से फर्श तक आने में, वक़्त भी नहीं लगता..!!

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