सिर्फ सोचे है करके नहीं देखे,
मेरे सारे गुनाह अधूरे है !
शब्दों से तुम बन गए
पंक्तियों में मेरे ढल गए
स्याही में मेरे पिघल गए
रचना मेरी तुम बन गए।
हर छंद में तुम रम गए
मैं तुम पर अब क्या लिखूं?
मेरे गीत के नज़्म बन गए
जीने की वजह तुम बन गए।
स्वर लहरी तुम बन...
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
मोहब्बत कभी स्पेशल लोगों से नहीं होती
जिनसे होती है वही स्पेशल बन जाते है
पहले प्यार अंधा होता था
फिर उसने अपना इलाज़ कराया,
अब वो सब देखता है
गाडी,बांग्ला,पैसा !!