"सहनशील होना अच्छी बात है,परन्तु अन्याय का विरोध करनाउससे भी उत्तम है।"
-जयशंकर प्रसाद
रास्ते जो भी चमक-दार नज़र आते हैंसब तेरी ओढ़नी के तार नज़र आते हैं
कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझेआप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं
~ ज़ुबैर अली ताबिश
भूले-बिसरे हुए ग़म फिर उभर आते हैं कईआईना देखें तो चेहरे नज़र आते हैं कई
~ फ़ुज़ैल जाफ़री
रिश्ते नातों के बिना ये जिंदगी वैसी हैजैसे लकवे से ग्रसित शरीर सुन्न पड़ी है॥
लहू रिसने नही देता कभी जो अपने अंदर से ,ज़माना सोचता है वो ज़ख़्म ताज़ा नहीं होता!बस आंखों की उदासी खोलती है राज ए दिल वरना ,मेरे चेहरे से मेरे गम का अंदाज़ा नहीं होता!