अच्छा इंसान तो अपने जुबान से ही जाना जाता है,वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है..!!

तुम अलविदा कहकर चले गएऔर ना जाने कितने ही मौसम बदल गएपर देखो ना…,मैं आज भी वहीं खड़ी हूंक्योंकि मैं तुम्हें अलविदा ना कह पाई!

फासला इसलिए रखा मैंनेक्योंकि तुम करीब थे हर किसी के…..!!

शुक्र भी है और शर्मिंदा भी हैतेरे बाद मर भी गए और जिंदा भी है

थक कर बैठा हूं हार कर नहींबाजी हाथ से निकली है जिंदगी नहीं…

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