शुरू-शुरू में सब यही चाहते हैंकि सब कुछ शुरू से शुरू होलेकिन अंत तक पहुँचते-पहुँचते हिम्मत हार जाते हैंहमें कोई दिलचस्पी नहीं रहतीकि वह सब कैसे समाप्त होता हैजो इतनी धूमधाम से शुरू हुआ थाहमारे चाहने पर। ~ कुँवर नारायण

कोई तो बहाना बनाओइक मुलाकात का_!!

हमें भी नींद आ जाएगी हम भी सो ही जाएँगेअभी कुछ बे-क़रारी है सितारो तुम तो सो जाओ ~ क़तील शिफ़ाई

किसी को अधूरा पाने से बेहतर है,उसे मुकम्मल खो दिया जाए

हमसफ़र वक़्त को बदलने वाला होना चाहिए, वक़्त के साथ बदलने वाला नही….!!

Translate »