ज़ुबाँ तो खोल नज़र तो मिला जवाब तो देमैं कितनी बार लूटा हूँ मुझे हिसाब तो दे।
आजकल हमें डुबाने की,नाकाम कोशिशें वही कर रहे हैं,जिन हरामखोरों को तैरना,हमने ही सिखाया था !!
खुद लड़नी पड़ती है जिंदगी की लडाई.. लोग साथ कम और ज्ञान ज्यादा देते है..!!
चरित्र कि कसौटी पर स्त्री के जज़्बात निचोड़े जाते हैं,पवित्रता कि परीक्षा में हर बार उसके कपड़े उतारे जाते हैं,हर पीड़ा सहकर भी खामोश रहती है वो,उसके ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशां छोड़े जाते हैं..!!