जिंदगी की लंबाई नहीं....
गहराई मायने रखती है....!!
हर तरफ से असफल व्यक्ति ही,
सबसे उत्तम शिक्षक होता है।
बेशक फलक तक साथ चलने कि दुआ कीजिए मगर
जो ज़िदा हैं ज़मीं पर पहले उनसे वफ़ा कीजिए
साया नहीं है बाप का, बच्चा भी है गोद,
मां ही जाने बच्चे का, कैसे भरना है ओझ,
धूप सहे बरसात सहे या रहे शरीर से सोझ,
ईंटों से ज्यादा भारी है ज़िम्मेदारी का बोझ..!!
पिता के माथे की सिलवटें ही है,
बच्चो के हाथों की सुनहरे भविष्य की लकीर।