खुशियां बहुत सस्ती हैं इस दुनियां में
हम ही दूंढते है उसे महंगे लोगों और महंगी दुकानों में..!!
जो अर्थ ही ना समझें,
उनपर शब्द क्या ज़ाया करना....
सनकी 🦋
जिएं इतना कि
ज़िन्दगी कम पड़ जाए
हंसे इतना कि
रोना मुश्किल हो जाए
किसी भी चीज़ को पाना
नसीब की बात है
मगर कोशिश इतनी करें कि
उपरवाला देने पर मजबूर हो जाए..
थोडी आज़ादी थोडी पाबंदी
थोडा वक़्त थोडी चाहत
थोडे बादल थोडी बारिश
थोडी नादानी थोडी समझदारी
थोडा तुम थोडी मैं
बस और क्या चाहिए ??
मिलकर पूरा हम हो जायेंगे
ना थोडा बचेंगे ना पूरा
दोनों मिलकर आकाश भर में समाएंगे
फिर ख़्वाब सारे हकीक़त...
व्यस्त हूं , मस्त नहीं....
कौन है दोस्तों ऐसा यहां ,
जिसे कोई कष्ट नहीं..!