सांप से ये सुनकर शर्मिंदा हुए जब से इंसान को काटा है फन दुखता है

खुश रहने का बस एक ही मंत्र है उम्मीद बस खुद से रखो किसी और इंसान से नहीं। अब्दुल कलाम

पीड़ा कितनी भी हो अब हालातों से समझौता कर लेता हूं, सुन ना सके कोई चीखें मेरी इसलिए होंठ सिल लेता हूं..!! विरक्ति

न चाहते हुए भी किताबों से, हमेशा दोस्ती रखनी पड़ेगी। हम किताबी कीड़े है मेरी जान!, हमसे मोहब्बत महंगी पड़ेगी।। सेजल

चरित्रहीन व्यक्ति दूसरों पर जितना सन्देह करता है, उतना सच्चरित्र नहीं। महादेवी वर्मा

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