साँच बराबरि तप नहीं, झूठ बराबर पाप। जाके हिरदै साँच है ताकै हृदय आप॥ कबीर दास

दिल टूट गया है, जिंदगी थम सी गई है। काश, तुम कभी मेरे होते, तो मैं इतना न रोता। तुमने मुझे धोखा दिया, और अब मैं अकेला हूँ। मैं नहीं जानता कि क्या करूँ, मैं तुमसे बहुत प्यार करता था। तुम मेरे सपनों को तोड़ दिया, और अब मैं...

पिता सी ही महफ़ूज़ जिन हाथों में होती है कलाई नारी के लिए वो शख्स महज़ होता है उनका भाई।

शराब ने कई घर बर्बाद किए हैं मगर चाय ने देश बर्बाद कर दिया...

बड़बोले देश बचाने में लगे हैं। बड़बोले यह नहीं बोलते कि अगर इस देश को बचाना है तो उन बातों को भी बताना होगा जिनपर कभी बात नहीं की गई जैसे मुट्ठी भर आक्रमणकारियों से कैसे हारता रहा है ये तैंतीस...

Translate »