पानी से पानी मिले, मिले कीच से कीच। ज्ञानी से ज्ञानी मिले, मिले नीच से नीच।

कुछ लोग हमारी जिन्दगी में सिर्फ, भरोसा तोड़ने के लिए आते हैं....

इंसान की ये आदत है ना मिले तो सब्र नही करता और मिल जाये तो कद्र नही करता..

अंध कक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गान या तलवार पकड़ जीतोगे बाहर का मैदान। रामधारी सिंह दिनकर

किसी के हाथों की कठपुतली बनने से अच्छा है.. कि छोटा ही सही अपना किरदार खुद बनाओ..!!

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