क्यूं सोचें, के चार लोग क्या कहेंगे? समाज में महज़ चार लोग थोड़ी है।

जब तक मन में खोट और दिल में पाप है ! तब तक बेकार सारे मंत्र और जाप है !

मिलकर सबसे रहिए यारों, लेकिन दबकर किसी से भी नही...

बुरा व्यक्ति उस समय और भी बुरा हो जाता है, जब वह अच्छा होने का ढोंग करता है।

गहरे दु:ख हमेशा नि:शब्द और मौन होते हैं !

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