मेरा circle छोटा है क्योंकि, मैं Quantity में नहीं Quality में विश्वास करता हूं।
खुद से बेखबर हूंपता नही मैं कौन हूंदर्द है ज्यादाफिर भी मौन हूंइधर उधर मैंगलियों में फिरता हूंकोई पूछले गर इकबारकी मैं कौन हूंकह दूंगा ..खुद की तलाश में हूंभटकता मैं कोई राहीदीन दुनिया से भी बेखबर हूं शायद...
उम्मीद हाथ पकड़ने की है,और लोग हैं कि कमज़ोर नस पकड़ते हैं।
हम उस दौर में जी रहे हैं दोस्त..जहाँ मासूमियत को बेवकूफी कहा जाता हैं..!!