जिददी हूँ, गुस्से वाला हूँ, बतमीज़ हूँ, बेपरवाह हूँ,
लेकिन मैंने कभी किसी से रिश्ता मतलब के लिए नहीं रखा..!!
“एक दिन सब ठीक होगा ”
बस इस उम्मीद के सहारे
एक एक दिन बिताते जाना ,
ज़िंदगी है ..!!
कहते हैं आत्मा से ख़ून नहीं बहता शायद इसलिए,
सबसे ज्यादा घाव आत्मा को सहने पड़ते हैं !
तन्हा जीवन, उदास हम, किस्मत पर कांटे उग आएं हैं,
क्या सुनाएं दास्तान अपनी, अंदर कितने राज़ छिपाएं हैं..!!
सुनो साहिब,
तुम्हारे प्रेम के रंगों से
रंगीन हुआ मेरा बेरंग
उदास सूना जीवन।
जी नहीं सकती अब
कभी भी तुमसे दूर रह
मर जाऊंगी तुम्हारे बिन।
ख्वाहिश नहीं मुझे
ज्यादा चीजों की
सिर्फ़ चूड़ियां कभी
अपनी पसंद की
पहना देना,
पायल तो नहीं
पहनूंगी तुमसे
कदमों में अपने कभी
तुम्हें नहीं झुकाना।