सबके अपने सत्य हैं,
सबके अपने झूठ।
कोई कहता लाभ इसे,
तो किसी को लगती लूट।
सबके अपने कष्ट हैं,
सबकी अपनी जंग।
कोई कभी टूट जाता है,
कोई हो जाता तंग।
सबकी अपनी मान्यता,
सबका निज विश्वास।
कोई कभी...
जब भी तुमको देखती हूँ
तुम्हें ख़ुद को देखते हुए पाती हूँ
मेरी नज़रों में तुम नज़र आते हो
तुम्हारी नज़रों में, मैं नज़र आती हूँ
उसे पता ही नहीं इंतजार का मतलब
क्योंकि मैं उसके पास कभी देर से गयी ही नहीं
अपने मन और आत्मा से कर्म करें,
और प्रेम करें तो जीवन आनंदित हो जाएगा !
जीवन को बहुत क़रीब से
देखने के बाद
अब मैं हमेशा तैयार रहता हूँ,
जो छूटना है छूटे,
जो टूटना है टूटे,
मैं अपने दोनों हाथों को
हमेशा खुला रखता हूँ,
जिसका जब तक मन करे
अपना हाथ इन हाथों पर धरे
या...