साथ हजारों ख्याल आयेजैसे कोई सूखी लकड़ीसुर्ख आग की आहें भरे,दोनों लकड़ियां अभी बुझाई हैं
होशियारी नोच लेगी सारे ख्वाब,लुत्फ जो भी है नादानी में है...
बिलकुल! चलिए जारी रखें। जहां निर्मलता की किरण हर कदम दिखाए।
दुनिया जो कठिनाईयों से भरी हो सकती है, हम निर्मलता को पकड़ेंगे, एकमात्र अद्भुत वस्त्र।
चमकती हुई आँखों के साथ हम...
खास कोई मिले मुझ से इस तरह की मुझ से जुदा ना हो .....!! वो समझे मेरे मिज़ाज़ को और मुझ से खफ़ा ना हो....!!
मोहब्बत मे लड़को की नजरों का शुक्र गुजार रहा करो, तुम्हारी साधारण सी शक्ल को चाँद कहा जाता हैं...!!
मौत भी तू जल्दी आया कर गरीब के घर, कफन का पैसा भी खर्च होता है दवाइयां खरीदते-खरीदते..