पसंद आईं कुछ भी चीज़ें,ज़्यादा देर तक ठहरती नहीं हैं…
अल्फाजों को बयां करना मुझे आता नहीं,
आंखों की उदासी पढ़ सको तो गले से लगाना..!!
झण्ड ज़िंदगी में इस हद तक सिंगल हूं कि बदनाम भी दूसरों की लव स्टोरी में हो रहा हूँ
किसी के चेहरे की हँसी से उसके दर्द को भी महसूस करो , सुना है लोग हंस - हंस के खुद को सज़ा भी देते हैं ..!!
ए सुनो ना….मेरी सांसों को तुम्हारी सांसों की गहराई नापने दो आज…रात भर तुम्हें निहारना चाहता हूं…तो तुम मेरी बाहों में लिपट कर सो जाओ…मगर मुझे जागने दो आज