चालाकी, चतुराई और बेशर्मी के मिश्रण को आजकल होशियारी कहते हैं!!!

दिल के मंदिरों में कहीं बंदगी नहीं करते, पत्थर की इमारतों में खुदा ढूंढ़ते हैं लोग ।

हवा गुजर गई पत्ते हिले भी नही वो मेरे शहर आए और हम मिले भी नही..!!

बेईमानी से कमाया हुआ पैसा , बीमारी में चला जाता है.....!!

अपने मतलब के लिए,अपना बनाते हैं लोग!

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