रोने के लिए हम एकांत ढूँढ़ते हैं, हँसने के लिए अनेकांत। प्रेमचंद

दिल में बसी मोहब्बत अब आंखों से बह गई है....।।

जहा गलती न हो वहां झुको मत और , जहाँ इज़्ज़त ना मिले वहां रुको मत !!

पहले आयु में बड़ों का सम्मान होता था अब आय में बड़ों का सम्मान होता है!

ज़िन्दगी गुज़ारने के 2 तरीक़े है, जो हो रहा है होने दो बरदाश्त करो, या फिर ज़िम्मेदारी उठाओ उसे बदलने की..!

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