जंगल में जानवर मांस नोचकर खाते हैं, जबकि इंसानी बस्तियों के दो पैरों वाले भेड़िये, देह के साथ आत्मा भी नोचकर खा जाते हैं । राजेश गौरी

ज़िंदा इंसान को गिराने में, और मरे हुए को उठाने में.. गज़ब की एकता दिखाते हैं लोग..!!

मेरे होते हुए मेरे रूम का कोई भी,मच्छर रात को भूखा नहीं सो सकता है !

रिस्तो का आलम अब कुछ ऐसा है हाल भी पूछते है तो चाल लगता है

सभ्यता का युग तब आएगा, जब औरत की म़र्जी के बिना कोई, औरत के जिस्म को हाथ नहीं लगाएगा। ~ अमृता प्रीतम

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