पुरूष होने की पहली शर्त है, स्त्री का सम्मान करना....

कुछ लोगों की फितरत चप्पल जैसी होती है , साथ तो देते हैं लेकिन पीछे से किचड़ उछालते हैं ...

मानता हूं मिजाज में सख्ती है मेरे मगर, मैं इज्जत देने वालों की इज्जत करता हूं.

भूल कर भी अपने दिल की बात किसी से मत कहना, यहाँ कागज भी जरा सी देर में अखबार बन जाता है।

मेरी कमियों को गिनाया न करो ये गिनाने से बढ़ भी सकती हैं मालविका हरिओम

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