रात हवा तूफानी होगी साथ रहो आसानी होगी। अहमद महफूज़

यदि पांडवो सी विवशता आएगी, तो हिस्से में श्री कृष्ण भी आयेंगे !

चाँद को छू के चले आए हैं विज्ञान के पँख देखना ये है कि इंसान कहाँ तक पहुँचे - गोपालदास 'नीरज'

मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ भारत भूषण पन्त

आईना बनने चला हूं, कहि अखबार ना बन जाऊं...? मर्ज मिटाना चाहता हूँ, खुद बीमार ना बन जाऊं.....?

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